CAA Protest: शाहीन बाग की तर्ज पर सहरसा में भी प्रदर्शन,धरने पर बैठीं महिलाएं

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एनआरसी और सीएए एक्ट भारत की आत्मा पर हमला जैसा है : पप्पू यादव

सहरसा : देश भर में जारी सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध की ताजी हवा अब बिहार के सहरसा पहुंच चुकी है। राज्य में हुए आंदोलनों के बाद अब सहरसा के सहरसा बस्ती में दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर महिलाएं धरने पर बैठ गयी हैं।यह अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार से सदर थाना क्षेत्र स्थित सहरसा बस्ती के पास शुरू हुआ. आंदोलन में बैठी महिलाओं ने इसे ‘दूसरा शाहीन बाग’ नाम दिया. इसमें सभी बस्ती की महिलाओं को एकजुट होकर सीएए के विरोध में नारा लगाते देखा गया.महिलाएं ही इस धरने का नेतृत्व भी कर रही हैं. इसकी जानकारी देती हुई  महिलाओं ने कहा कि शाहीन बाग में आंदोलनरत महिलाओं और देश भर में चल रहे आंदोलनों को समर्थन देने के लिये ये कदम उठाया गया है.ये एक ऐसा कानून है जो भारत को बांटने के लिये लाया गया है. धर्म निरपेक्षता हमारी पहचान है. ऐसे में संविधान को ताक पर रख कर केंद्र सरकार कोई भी कानून हम पर थोप नहीं सकती.धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि आंदोलन जारी रहेगा, जब तक सरकार सीएए को वापस नहीं लेती ।

धरने पर बैठी महिलाओं के समर्थन में उतरे पूर्व सांसद

सीएए के विरोध में बैठी महिलाओं के समर्थन में आये पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने धरने पर बैठे महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुल्क के 33 करोड़ मुसलमानों ने संविधान को सर्वोच्च मानकर इस मुल्क के मुसलमानों के लिए इस्लाम मोहब्बत का, कुर्बानी का, मानवता का पैगाम है तो इस मुल्क के मुसलमानों के लिए संविधान हीं इस्लाम के बराबर है।
पूर्व सांसद ने कहा कि मुसलमानों ने आज हीं नहीं जिन्ना के वक्त जब देश अलग हों रहा था, जब दुनियां हिंदुस्तान पर चोट कर रही थी उस वक्त मेरे मुल्क के गरीब, मेरे मुल्क के अनुसूचित जनजाति, मेरे मुल्क के अत्यन्त पिछड़ा, और मेरे मुल्क के मुसलमान का एक हीं आवाज था हिंदुस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान की एकता जिंदाबाद, संविधान जिंदाबाद।