कारवाई:उत्पाद निरीक्षक,सहायक अवर निरीक्षक गिरफ्तार,अधीक्षक फरार

Kunal Kishor
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कारोबारी को मदद करने के आरोप में गिरफ्तार
सहरसा@भार्गव भारद्वाज :  बिहार में शराबबंदी के बाद शराब के अवैध धंधे बाज पर नकेल कसने का दायित्व निर्वहन करने वाले उत्पात विभाग शराब कारोबारी को मदद करने के आरोप में खुद पुलिस के हत्थे चढ़ गए ।
मामला बिहार के सहरसा का है ।जंहा सदर थाना पुलिस ने उत्पात निरीक्षक व सहायक उत्पात सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर भेजा जेल भेज दिया गया है ।

उत्पाद निरीक्षक फैयाज अहमद(फ़ाइल फ़ोटो)
बताते चले कि यह मामला 13 अक्टूबर 19 को उत्पाद विभाग की छापेमारी में शराब बरामदगी से जुड़ा हुआ है।छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग ने एक ट्रक से करीब 2000 लीटर शराब बरामद किया था पर इसमें शराब कारोबारी को मदद पहुंचाने के उद्देश्य से बरामदगी के 13 घंटे बाद सीजर बना फिर 16 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया था। इसमें न तो ड्राइवर का नाम दिया गया और न ही ट्रक के स्वामित्व को दर्शाया गया था ।मामला दर्ज करने में विलंब को लेकर मुख्यालय से एक जांच टीम भी जांच करने पहुंची थी।जिसमें तीन स्तरीय जांच किया गया ।एक जांच मद्य निषेध विभाग पटना के द्वारा व दो जांच जिला स्तर से हुआ और तीनो ही जांच में मामला संदेहास्पद मिला।जिसके आधार पर सदर थाना में कल ( 14 जनवरी ) मामला दर्ज किया गया ।इसमें तीन लोगों उत्पात अधीक्षक असरफ जमाल,उत्पात निरीक्षक फैयाज अहमद के अलावे केश के अनुसंधानकर्ता वीरेंद्र पाठक को भी अभीयुक्त बनाया गया ।
 मामला दर्ज होने के बाद सदर पुलिस ने त्वरित करवाई करते हुए उत्पात निरीक्षक फैयाज अहमद के अलावे केस के अनुसंधानकर्ता वीरेंद्र पाठक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल फरार हो गये | हालाँकि इस बाबत जब उत्पाद निरीक्षक से पूछा गया तो पुलिस अभिरक्षा में केमरे से बचते नजर आये ।

जानकारी देते पुलिस कप्तान राकेश कुमार,साथ मे एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी,थानाध्यक्ष राजमणि
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने प्रेस वार्ता कर कहा कि करीब एक माह पूर्व उत्पात विभाग के द्वारा 2000 लीटर शराब की बरामदगी की गयी थी उस केश का अनुसंधान उत्पात विभाग के द्वारा किया जा रहा था।परंतु केस में कमियां शुरुआत से ही प्रकाश में आई थी।इसको लेकर तीन स्तरीय जांच हुआ।एक जांच मद्य निषेध विभाग पटना के द्वारा व दो जांच जिला स्तर से हुआ और तीनो ही जांच में मामला संदेहास्पद मिला।जिसके आधार पर सदर थाना में मामला दर्ज हुआ।इसमें तीन लोगों को अभियुक्त बनाया गया जिसमें उत्पात अधीक्षक अशरफ जमाल,उत्पात निरीक्षक फैयाज अहमद के अलावे केश के अनुसंधानकर्ता वीरेंद्र पाठक है इसमें से उत्पात निरीक्षक फैयाज अहमद के अलावे केश के अनुसंधानकर्ता वीरेंद्र पाठक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।साथ ही उत्पात अधीक्षक की गिरफ्तारी के लिये छापेमारी जारी है।

फरार उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल(फ़ोटो-फाइल)
सच मायने में बिहार सरकार बिहार में पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करवाने का दायित्व निर्वहन करने वाला उत्पात विभाग खुद शराब कारोबारी को मदद पहुंचा कर बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को असफल करने का प्रयास किया।जो एक गंभीर अपराध है |