परिवार विकास मिशन अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का सीएस ने दिया निर्देश

Kunal Kishor
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• सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया गया निर्देश
• प्रखंड व समुदाय स्तर पर कार्य योजना तैयार
मधुबनी : ज़िले में 14 जनवरी से मिशन परिवार विकास अभियान चलाया जायेगा। यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। यह अभियान चार चरणों में पूर्ण होगा। इसको लेकर सिविल सर्जन डॉ. एस पी सिंह ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है।सिविल सर्जन ने बताया कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परिवार विकास मिशन अभियान व परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत प्रखंड व समुदाय स्तर पर निर्धारित कार्य योजना को सफलता पूर्वक आयोजन किया जाये। जिसमें कहा गया है कि परिवार नियोजन में अधिक से अधिक उपलब्धि प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर सभी साधनों का निर्धारित दिवस के दिन सेवा प्रदान की जाये। जनवरी माह में सभी आरोग्य दिवस पर सास-बहू सम्मेलन का आयोजन कराना सुनिश्चित करें तथा इस सम्मेलन में किशोरियों को भी शामिल किया जाये ताकि किशोरियों में परिवार नियोजन के सेवाओं एवं लाभ के बारे में जानकारी देने के साथ इच्छुक लाभार्थियों का चयनित सेवा प्रदान की जा सके। क्या है निर्देश:
बुकलेट व हैंडबील के माध्यम से लोगों को जागरूक करें
सास-बहू सम्मेलन का फंड एएनएम के खाता में भेजना सुनश्चित करें
योग्य दंपतियों का सर्वे एएनएम व आशा करेंगी
आशा द्वारा कम्यूनिटी नीड असेस्मेंट कराकर रिपोर्ट सौंपे
स्वास्थ्य केंद्रों पर कंडोम बॉक्स में नियमित रूप से निरोध का भंडारण सुनिश्चित करें
सभी गर्भनिरोधक सामग्रियों के साथ डिस्पले ट्रे को ओपीडी, टीकाकरण केंद्र व परामर्श केंद्र पर प्रदशित करें कार्यक्रम को चार चरणों में सम्पादित किया जाएगा :

केयर इंडिया के डी टी एल महेंद्र सिंह ने बताया मिशन परिवार विकास अभियान चार चरणों में चलेगा।
प्रथम :- मिशन परिवार विकास अभियान हेतू पूर्व योजना 9 जनवरी से 13 जनवरी )
दूसरा चरण :- दम्पति संपर्क सप्ताह- सह पूर्व पंजीयन (14 जनवरी -20 जनवरी )
तीसरा चरण :-मिशन परिवार विकास अभियान के प्रथम अथवा दूसरे दिन (14 जनवरी अथवा 15 जनवरी )
चौथा चरण:- परिवार नियोजन सेवा सप्ताह (21 जनवरी से 31 जनवरी )
दंपति संपर्क पखवाड़े के दौरान आमजन में जागरूकता लाने के लिए सही उम्र में शादी, शादी के बाद कम से कम 2 साल के बाद पहला बच्चा, दो बच्चों में कम से कम 3 साल का अंतराल एवं प्रसव के बाद या गर्भपात के बाद परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों पर ज़ोर दिया जाएगा। वहीँ परिवार नियोजन सेवा सप्ताह के दौरान प्रथम रेफ़रल इकाइयों में नसबंदी शिविर का आयोजन किया जाएगा।क्या है मिशन परिवार विकास अभियान:
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कुल प्रजनन दर(प्रति महिला बच्चों की कुल संख्या) में कमी, आधुनिक गर्भनिरोधों के उपयोग को बढ़ाने, गर्भनिरोधक साधनों की सामुदायिक स्तर पर पहुँच सुनिश्चित करने एवं परिवार नियोजन के प्रति जन-जागरुकता को बढ़ाने के लिए उच्च कुल प्रजनन दर की सूची में शामिल बिहार में मिशन परिवार विकास की शुरुआत की गयी है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार अभी बिहार की कुल प्रजनन दर 3.2 है। मिशन विकास परिवार के तहत वर्ष 2025 तक बिहार के प्रजनन दर को 2.1 तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।