डीईओ की अध्यक्षता में वाद-विवाद प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

कोशी एक्सप्रेस: मधुबनी से बी. चन्द्र की रिपोर्ट

मधुबनी रेलवे स्टेशन परिसर में जिला शिक्षा पदाधिकारी नशीम अहमद की अध्यक्षता में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राजनगर केआरपी सुजीत कुमार ठाकुर की अगुवाई तथा रामसेवक झा के संचालन में किया गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली आज का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थीयों, महिलाओं तथा पुरुषों से कहे कि जिस तरह नशाबंदी और दहेज प्रथा के खिलाफ सभी सड़कों तक पहुंचकर पूरे देश में संदेश देने का काम किए उसी तरह एक बार फिर जल-जीवन-हरियाली विषय को लेकर 19 जनवरी को सभी को मानव श्रृंखला में भाग लेना है।

                   कार्यक्रम में विभिन्न कोचिंग संस्थान के बच्चों ने भाग लिया। वाद विवाद प्रतियोगिता में एस के ठाकुर प्रतिभा इंगलिश स्पोट, टाउन क्लब मधुबनी के बच्चों ने उत्कृष्ट प्रर्दशन किया। कार्यक्रम में कला जत्था टीम के कलाकारों ने गीत एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। कलाकारों ने आओ अपना जीवन बचाएं चलो अपनी धरा को सजाएं, हाथ जोड़ी बोलेला वचनवां रे भैया मानी न कहनवां, गीत एवं जल-जीवन हरियाली पर आधारित रहिमन पानी राखिये नाटक की प्रस्तुति कर लोगों मंत्रमुग्ध कर दिया।                  कार्यक्रम में राजनगर प्रखंड के केआरपी सुजीत कुमार ठाकुर, शिक्षक रामसेवक झा ने विस्तृत जानकारी दी उनहोंने कार्यक्रम के माध्यम माध्यम से लोगों को जल-जीवन-हरियाली अभियान, नशा मुक्ति, बाल विवाह एवं दहेज उन्मूलन को लेकर आयोजित मानव शृंखला को सफल बनाने के लिए इससे जुड़ने की अपील की गयी। इस दौरान जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत पानी बचाने व वर्षा जल संरक्षण करने, पानी के अपव्यय को रोकने का संदेश देते हुए लापरवाही बरतने पर आने वाली विपदा को लेकर सचेत किया गया।

                       साथ ही पौधरोपण करने एवं अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों की कटाई रोकने की अपील की गई। बताया गया कि इंसान द्वारा किये गए जल का अत्यधिक दोहन, निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई से आज स्थिति यह है कि हर वर्ष सुखाड़ झेलना पड़ता है। दिन-ब-दिन फसल उत्पादन कम हो रहा है। कितने लोगों को अनाज नसीब नहीं होते हैं। कितने इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचता है। वहीं बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी कुरूतियों से समाज को बचाने की अपील की गई।

बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के लिए एक श्राप है। इससे कभी भी उनका विकास नहीं हो सकता। बाल विवाह के बाद बच्चे अपने भविष्य बनाने की जगह घर की जिम्मेदारियों में उलझ जाते हैं। साथ ही स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है।

कार्यक्रम में केआरपी विद्यासागर यादव, प्रिति कुमारी, प्राची कुमारी, अदिति मिश्रा, सपना, राघव कुमार गिरी, मनीष कुमार, राहुल कुमार, पिंकी कुमारी, शिवम कुमार, निशांत कुमार, सुमित कुमार, पुष्पा कुमारी, सोनु कुमार, गुड्डू सिंह सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।