शिविर लगाकर आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के लाभार्थी को गोल्डन कार्ड का वितरण हुआ शुरू

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18 प्रखंडों में लगाया जायेगा शिविर

जिले में 32 लाख लोगों के बीच गोल्डन कार्ड वितरण का लक्ष्य निर्धारित

लगभग 6 लाख परिवारों में गोल्डन कार्ड का किया जाना है वितरण

दरभंगा: बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के आदेश से जिले के 18 प्रखंडों में शिविर लगाकर आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत चयनित लाभार्थियों के बीच गोल्डन कार्ड का रजिस्ट्रेशन एवं वितरण कार्य शुरू हो चुका है.

फरवरी माह तक शिविर लगाकर बटेंगे गोल्डन कार्ड:

1 जनवरी से हनुमाननगर व हायाघाट में लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड बांटा जा रहा है. यहां वितरण कार्य 5 जनवरी तक चलेगा. वहीं घनश्यामपुर व किरतपुर में गोल्डन कार्ड का वितरण 3 से 6 जनवरी तक किया जाएगा. जबकि सदर प्रखंड में 7 से 10 जनवरी, कुशेश्वरस्थान सतीघाट में 10 से 13 जनवरी, बहादुरपुर में 11 से 15 जनवरी, केवटी व कुशेश्वर स्थान में 16 से 18 जनवरी, तारडीह व जाले में 21 से 23 जनवरी के बीच लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड दिए जाएंगे। बेनीपुर एवं गौड़ा बौराम 25 से 28 जनवरी के बीच लाभार्थियों को गोलडेन कार्ड दिया जायेगा. वहीं अगले माह अलीनगर व मनीगाछी प्रखंड में चार से छह फरवरी, सिंहवाड़ा में आठ से 11 फरवरी, बिरौल में 12 से 15 फरवरी के बीच शिविर लगाकर गोल्डेन कार्ड का वितरण किया जायेगा.सिविल सर्जन ने दिया निर्देश:

आशा कार्यकर्ता, आशा फैसिलिटेटर एवं एएनएम गोल्डन कार्ड वितरण में सहयोग करेंगे। इसको लेकर सीएस डॉ एएन झा द्वारा निर्देश भी जारी किया गया है.

5.90 लाख लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड देने का लक्ष्य:

जिले में पिछले 6 महीनों से आयुष्मान भारत के तहत लोगों को गोल्डन कार्ड वितरित किया जा रहा है. जिला स्वास्थ्य समिति के रिपोर्ट के अनुसार अब तक जिले में 1.20 लाख लोगों को गोल्डन कार्ड बांटा जा चुका है. जबकि पूरे दरभंगा जिला में 32 लाख लोगों के बीच यह गोल्डन कार्ड वितरण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वही 5.90 लाख परिवारों को गोल्डन कार्ड वितरित किया जाना है. इसे पूरा करने के लिए विभिन्न प्रखंडों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के बीच गोल्डन कार्ड का रजिस्ट्रेशन एवं वितरण कार्य शुरू हो चुका है।क्या है योजना:
मालूम हो कि आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, भारत सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों खासकर बीपीएल धारक को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है.आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल 2018 को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती के दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से आरम्भ किया था। जबकि अंत्योदय के स्वप्नद्रष्टा पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्मतिथि 25 सितंबर 2018 से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ही इस योजना को पूरे देश में लागू कर दिया गया है।देश भर में 50 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभ:

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, जो अब आयुष्मान भारत योजना में तब्दील हो चुकी है, के तहत सरकार 10 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों के लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों को कवर कर रही है। यह हर परिवार के लिये, प्रति वर्ष 5 लाख रुपये के माध्यमिक और तृतीय स्तर पर अस्पताल में देखभाल के लिये कवरेज प्रदान करती है।

अस्पताल में मरीज़ों की मदद करेगा आयुष्मान मित्र:

पैनल में शामिल हर अस्पताल में एक आयुष्मान मित्र होगा। वह मरीज की मदद करेगा और उसे अस्पताल की सुविधाएं दिलाने में मदद करेगा। अस्पताल में एक हेल्प डेस्क भी होगा जो दस्तावेज चेक करने, स्कीम में नामांकन के लिए वेरिफिकेशन में मदद करेगा। आयुष्मान भारत योजना में शामिल व्यक्ति देश के किसी भी सरकारी या पैनल में शामिल निजी अस्पताल में इलाज करा सकेगा।

शुरू किया गया हेल्पलाइन:

लाभार्थियों के हित में सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 14555 जारी किया गया है, जिस पर आप कभी भी कॉल कर सकते हैं। इस पर आपको समस्त जानकारियां प्रदान कराई जाएंगी।