BNMU के VC का मनाया गया जन्मदिन

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पुष्प गुच्छ से कुलपति का स्वागत किया गया

मधेपुरा : बीएनएमयू के कुलपति डॉ. अवध किशोर राय के जन्म सप्ताह में एक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। केक काटा गया और अंगवस्त्रम् एवं पुष्प गुच्छ से कुलपति का स्वागत किया गया।प्रति कुलपति डाॅ. फारूक़ अली ने कहा कि कुलपति एक लोकप्रिय शिक्षक, कुशल प्रशासक एवं आदर्श इंसान हैं। इनके कार्यालय में विश्वविद्यालय में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।

कुलसचिव डाॅ. कपिलदेव प्रसाद ने कहा कि कुलपति की कार्यशैली बेमिसाल है। इनके नेतृत्व में कार्य करना अपने आपमें एक अविस्मरणीय अनुभव है।

इस अवसर पर सिंडीकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान, जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर, शिक्षक संघ के महासचिव डाॅ. अशोक कुमार, कुलपति के निजी सहायक शंभु नारायण यादव, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डाॅ. राजेश्वर राय आदि उपस्थित थे।
मालूम हो कि डाॅ. राय ने 29 मई, 2017 को बीएनएमयू के कुलपति का पदभार ग्रहण किया था। कुछ दिनों पूर्व उन्हें टीएमबीयू के कुलपति की भी जिम्मेदारी दी गई है। इसके पूर्व वे तीन वर्षों तक तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के प्रति कुलपति रह चुके हैं। डाॅ. राय की शिक्षक के रूप में काफी ख्याति रही है। इन्होंने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर से बी. एससी., एम. एससी. एवं पी-एच. डी. की डिग्री प्राप्त की है। ये इस विश्वविद्यालय क स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग लगभग में 40 वर्षों से शिक्षण एवं शोध से जुड़े हुए हैं। इन्होंने लगभग 150 शोध आलेख, दो दर्जन रिव्यू आर्टकिल और एक दर्जन से अधिक किताबें लिखी हैं। इनके मार्गदर्शन में 35 विद्यार्थियों ने पी-एच. डी. की उपाधि प्राप्त की है। इन्होंने जर्मनी, इंडोनेशिया, श्रीलंका, मलेशिया आदि देशों की शैक्षणिक यात्राएँ की हैं।

डाॅ. राय को वर्ष 2017 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने प्रतिष्ठित इमरेट्स फेलोशिप देकर सम्मानित किया। इसके पूर्व इन्हें प्रोफेसर वाई. एस. मूर्ति गोल्ड मेडल (इंडियन बाॅटनिकल सोसाइटी, 1989), जीरसानिधि लेक्चर अवार्ड (इंडियन पायथोपेथो सोसाइटी, 2002), वेस्ट टीचर अवार्ड (तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर 2009), प्रोफेसर एस. आर. बोस मेमोरियल लेक्चर अवार्ड, इ. जे. बटलर मेमोरियल अवार्ड (आईएमएस, कोलकाता 2009) भी मिल चुका है।ओआईयूसीएम, श्रीलंका ने इन्हें नवंबर 1997 में डी एससी की उपाधि दी है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि

डाॅ. राय का जन्म एक जनवरी 1950 को सोनवर्षा, बिहपुर (भागलपुर) के एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। इनके पिता रामस्वरूप राय एक किसान और माता चंदा देवी धार्मिक महिला थीं। इन्होंने अपनी मेहनत, लगन एवं प्रतिबद्धता के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।