NRC-CAA के समर्थन जुलूस में शामिल 17 युवाओं पर हुए FIR वापस लेने के लिए 7 जनवरी को होगा एक दिवसीय धरना

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नागरिक मंच सहरसा के द्वारा स्टेडियम के सामने धरना देंगे
सहरसा :  NRC और CAA के समर्थन में 24 दिसंबर को विशाल जनसमर्थन पैदल मार्च एम एल टी कॉलेज से समाहरणालय तक किया गया था, जिसके बाद जिला अधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा गया था। इस देश हित के कानून के पक्ष में सहरसा के बुद्धिजीवी, व्यापारी, मजदूर, अल्पसंख्यक, दलित, पिछड़े जाति के लोगों ने बड़े पैमाने पर भाग लिया।उपरोक्त बातें पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने पत्रकार सम्मेलन के दौरान कहा ।पूर्व विधायक श्री कुमार ने कहा कि उसी दिन जिला प्रशासन ने उस जुलुस में शामिल 17 नौजवान पर चिन्हित कर मुकदमा दर्ज किया। इसमें अधिकतर छात्र नेता, प्रतिभाशाली बच्चे और कुछ अन्य लोगों पर भी FIR प्रशासन द्वारा करवाया गया, जबकि जुलुस शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया था। ऐसे में ये सवाल उठता है कि जब सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा था, तब जिला प्रशासन ने उनपर मुकदमा दर्ज क्यों कराया।पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने सवालिया लहजे में कहा कि ठीक उसके कुछ दिन पहले विभिन्न दलों के द्वारा CAA के विरोध में प्रदर्शन किया था, जहां प्रदर्शन के नाम पर गुंडागर्दी, अराजकता, बाजार में हंगामा के साथ प्रदर्शन हुआ था। इससे लोग दहशत में थे। उसके पहले बिहार बंद का भी आह्वान किया गया था, जिसमें बड़े पैमाने पर CAA के विरोध करने वाले लोगों ने तोड़फोड़, हिंसा और आगजनी किया था। लेकिन  प्रशासन ने उसके खिलाफ कोई एक्शन लेना जरूरी नहीं समझा और न ही उनपर कोई ठोस मुकदमा हुआ, लेकिन 17 प्रतिभशाली बच्चो पर केस करना बेहद दुखद है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
श्री कुमार ने कहा कि सवाल ये है कि जब जिला प्रशासन ने CAA के पक्ष में अनुमंडल पदाधिकारी ने सहरसा एम एल टी कॉलेज से जिला समाहरणालय तक परमिशन दिया था। परमिशन देने के बाद प्रशासन का यह कहना कि आपने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन किया और सभा किया। यह अनुचित है, क्योंकि परमिशन तो आपने दिया।
वहीं बिना धारा 144 लागू किये बिना लोगों पर मुकदमा दर्ज करना गैर कानूनी है। अगर धारा 144 लागू होता और तब लोग जाते तो प्रतिबंधित था। जो कलक्टर से मिलने गया, उसमें एक डेलिगेशन मिलने गया था। भीड़ बाहर रही थी और जब जिला समाहरणालय तक ही ये प्रदर्शन होना था। तो फिर वो भीड़ कहाँ जाती। स्वाभाविक है वह वहीं रहती। देश हित वाली कानून के समर्थन में वह भीड़ पूरी तरह से शांतिपूर्ण और डेमोक्रेटिक था। इस तरह से कार्रवाई करना गलत है। हम पहले भी प्रशासन से उन युवाओं को छोड़ने की अपील कर चुके है और आज भी अपील करते हैं कि आप जल्द से जल्द निर्दोष लोगों के ऊपर से मुकदमा को वापस ले।
हम शांतिपूर्ण तरीके से कल(मंगलवार) इस मुद्दे को लेकर नागरिक मंच सहरसा के द्वारा स्टेडियम के सामने धरना देंगे। प्रशासन से मिलकर स्मर पत्र दिया जाएगा, ताकि निर्दोष लोगों की रिहाई सम्भव हो सके।
संवादाता सम्मेलन में पूर्व विधायक आलोक रंजन ,जिला अध्यक्ष दिवाकर  सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष माधव चौधरी, युवा अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक लुक़मान अली ,कॉलेज अध्यक्ष नन्हे सिंह सागर , शारदा कांत झा ,प्रणव मिश्रा,रौशन झा , हरिओम सिंह ,कुश मोदी ,संगम सिंह राजपूत ,आकाश सिंह ,संजीव सिंह ,प्रिंस सिंह , टिंकु सरकार,राजवीर सिंह,सौरव वस्त
,पुनीत आनंद,सत्यम चौहान,अभिषेक सिंह,शम्भू राय,सुनील यादव,कन्हैया सनातनी,सुजीत सान्याल,, अभिनव सिंह, सुमन सांडिल,तनय झा, आकाश सिंह, नवनीत सिंह,राज सिंह चम्पू,आदर्श झा,अमित आनंद,रतन दुबे, गौरव सिंह, गौरव परिहार,गौरव छोटू आदि उपस्थित थे ।