जिला शिक्षा पदाधिकारी की अध्यक्षता में सीआरसीसी व प्रधानाध्यापकों की बैठक का हुआ आयोजन

कोशी एक्सप्रेस: मधुबनी से बी. चन्द्र की रिपोर्ट

.                          जल-जीवन-हरियाली, नशामुक्ति, दहेज एवं बाल विवाह उन्मूलन के समर्थन में 19 जनवरी 2020 को आयोजित होने वाली राज्यव्यापी मानव श्रृंखला की सफलता को लेकर मधुबनी जिला के प्रखंड संसाधन केंद्र राजनगर में प्रखंडाधीन सभी सीआरसीसी व प्रधानाध्यापकों की बैठक जिला शिक्षा पदाधिकारी नशीम अहमद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि जल-जीवन-हरियाली से ही मानव जीवन संभव है। समाज में जागरूकता लाने में शिक्षकों की भूमिका अहम होती है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान करते हुए अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में मानव श्रृंखला की सफलता के लिए लोगों से चर्चा करने तथा जल जीवन हरियाली के मकसद और उद्देश्यों से लोगों को रूबरू कराने की अपील की।

                           वही प्रखंड विकास पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने कहा कि जल ही जीवन है और यह जीवन बिना हरियाली का संभव नहीं है अर्थात हमें जल -जीवन- हरियाली को ध्यान में रखते हुए समाज के हर एक कोना को जागरूक करना होगा।

                    भू जल स्तर में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए केआरपी सुजीत कुमार ठाकुर ने कहा कि जल, जीवन व हरियाली का एक-दूसरे से गहरा संबंध है। जीवन, हरियाली और जल के बीच में है, जिसे बचाये रखने की जरूरत है। यह एक बहुत बड़ा अभियान है। मानव श्रृंखला में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की बात कहीं ।

              इसी क्रम में बीआरपी विजय कुमार झा ने कहा कि यह श्रृंखला मानव को एक साथ जोड़ने वाला श्रृंखला है अगर सभी समाज के सभी शिक्षित वर्ग यह निर्णय कर ले तो हम सरकार के द्वारा उठाए गए दहेज मुक्त एवं नशा मुक्त अभियान को सफल बना सकते है।

                  प्रखंड साधन सेवी प्रमोद कुमार चौपाल ने कहा कि सबके सहयोग से ही यह अभियान सफल होगा। हमलोगों को जन-जन को जागरूक करना होगा।

                   उक्त बैठक में वरीय प्रखंड साधन सेवी प्रेम कुमार, सीआरसीसी अरविंद कुमार, कृष्ण कुमार सिंह, श्याम सुन्दर पासवान, जियाउर रहमान, माला कुमारी मुन्नी, प्रधानाध्यापक सुधीर कुमार कर्ण, चन्देश्वर प्रसाद, इश्वर नारायण महतो, संजय कुमार सिंह, जयन्त कुमार, संजीव कुमार, नीलेन्दु कुमार सहित सभी सीआरसीसी व सैकड़ों प्रधानाध्यापक उपस्थित थे ।