NRCऔरCAB का समर्थन देश के सभी नागरिक को करना चाहिये : किशोर कुमार 

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सहरसा: बिहार बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व विधायक किशोर कुमार ने कहा कि  NRC,भारत में समय की जरूरत है। NRC इसलिये जरूरी है, ताकि पता चल सके कि कौन नागरिक है और कौन नहीं। अभी सरकार ने CAA बिल पास कर पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश और अफगानिस्‍तान से आये अल्‍पसंख्‍यक हिंदू, सिख, पारसी, जैन, बौद्ध, इसाई को नागरिकता प्रदान करने का स्‍वागत योग्‍य कार्य किया है। वे वहां वर्षों से प्रताडि़त थे। यह बिल किसी संप्रदाय विशेष का न तो विरोध है, न ही किसी की नागरिकता छीनने वाली और न ही हिंदू राष्‍ट्र बनाने वाली।
इसके बावजूद भी देश में एक संप्रदाय के लोग इतने उग्र क्‍यों हैं, जबकि देश के गृह मंत्री आदरणीय अमित शाह जी ने साफ कहा  है कि अगर किसी को नागरिकता की जरूरत है, तो वे आवदेन कर सकेंगे, जिस पर सरकार सहानुभूति पूर्वक विचार करेगी। ये लोग क्‍यों चाहते हैं कि बांग्‍लादेशी, रोहंगिया आदि घुसपैठियों को नागरिकता दी जाये। पहले ही पूर्व के सरकार के तुष्टिकरण की नीति की वजह से करोडों लोग देश में अवैध तरीके से नागरिक बन देशी विरोधी गतिविधियों में लिप्‍त हैं।
क्या यह बात सही नही है कि धर्म के नाम पर पाकिस्तान बना। जब देश का  बंटबारा हुआ तो पाकिस्तान में अल्पसंख्यक पर जुल्म होने लगा। 1950 में अल्पसंख्यक की सुरक्षा के लिए नेहरू लियाकत समझौता हुआ। भारत में तो अल्पसंख्यक का पूर्ण सुरक्षा हुआ, लेकिन पाकिस्तान में अल्पसंख्यक पर हमला, बहु – बेटी की इज़्ज़त लूटी जाने लगी, धर्म परिवर्तन होने लगा। बांग्लादेश आज़ाद के बाद मुजीबुर्रहमान तक अल्पसंख्यक सुरक्षित रहा, लेकिन उसके बाद वहां भी स्थिति बद से बद्दतर हो गयी। अफगानिस्तान में तालिबान शासन बाद तेजी से धर्मातरण, गैंगरेप, उनके सम्प्पत्ति पर हमला होने लगा। अल्पसंख्यक के पास भारत के अलावा कहां विकल्प था।
यही वजह है कि सरकार ने यह बिल लाकर अपना वादा पूरा कर लोगों के साथ न्याय किया है।आज जो लोग इस बिल के विरुद्ध ट्रेन समेत सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान कर रहे हैं, वो गलत है। क्‍योंकि देश उनका भी है और वे अपने देश की संपत्ति का नुकसान कर अपना नुकसान कर रहे हैं। वहीं, देश के प्रधानमंत्री आदरणीय  नरेंद्र मोदी जी न इससे घबराने बाले है, न इससे उनका कदम रुकने वाला है। अनुच्‍छेद 370 और 35A , सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, राममंदिर, तीन तलाक, नोटबंदी और CAB कर दुनिया को बता दिया कि भारत निर्णय लेने, मजबूत राष्ट्र के ओर अग्रसर है। कांग्रेस की तरह नहीं कि कोई निर्णय लेने वर्षो लग जाया करते थे। तब निर्णय धर्म जात देखकर लिये जाते थे। आज भी देश में उपद्रव कांग्रेस के नेतृत्‍व में विपक्ष द्वारा करवाया जा रहा है।
जबकि देश के मुसलमान भाईयों को डरने की जरूरत नहीं। भारत, उनके लिए सुरक्षित देश है और रहेगा, लेकिन अब आप रोहंगिया बांग्लादेशी के लिए चिंता कर रहे तो बंद कर दें। देश को इससे कोई लेना देना नहीं। हर हाल में उन्‍हें इस देश जाना होगा। 56 मुस्लिम देश, वह अपने यहां इसे शरण देने तैयार नहीं है, बल्कि रोहंगिया बांग्लादेशी कई बार सउदी अरब जल मार्ग से गए, लेकिन उसे वहां कई दिन तक रोके रखा। पानी तक नहीं दिया, और बैरंग वापस कर दिया।  श्रीलंका ने खाना – पानी दिया, तो वे भारत में आकर बस गए। चीन के बारे में दुनिया जानती है कि उदगर मुश्लिम, जिसकी आबादी 2 करोड़ है को न नमाज ,मदरसा ,कुरान,इस्लामिक नाम ,रोजा कुछ भी न कर सकते।
वहां, मानवीय संवेदना पर कुछ नहीं। जनसंख्या के दवाब से भारत अपने ही हाफ रहा है, ऊपर से उसको नागरिकता मिले, ये कहां का न्‍याय है। यह नेचुरल जस्टिस के विरुद्ध है। आपको को हमारे साथ रहना-हमें आपके साथ। इसमें ये घुसपैठिये कहां से। उसे हर हाल में जाना पड़ेगा। आपसे विनम्रतापूर्वक कहना कि हिंसा का साथ न दें। दूरी का लकीर बड़ा करने से हम सभी घाटे में रहेंगे।इसलिये देश के सभी नागरिक को CAA और NRC का समर्थन करना चाहिये।