कालाजार उन्मूलन को लेकर जिले में 60 दिनों तक चला अभियान

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जिले में 9 लाख से अधिक लोग हैं प्रभावित
21 प्रखंडों में चलाया गया अभियान
अभियान में 5 नए मरीजों की हुयी पहचान

मधुबनी: कालाजार उन्मूलन को लेकर जिले में 2 सितम्बर से 21 नवंबर तक अभियान चलाया गया. जिसमें जिले के सभी कालाजार प्रभावित प्रखंडों में सिंथेटिक पारथराइड पाउडर का छिड़काव किया गया. अभियान के दौरान कुल 8439 किलोग्राम सिंथेटिक पारथराइड पाउडर का छिड़काव किया गया. जिले के सभी 21 प्रखंडों में चला अभियान:
अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी 21 कालाजार प्रखडों में अभियान चलाया गया. जिले की कुल जनसंख्या लगभग 49.44 लाख है जिसमें 9.17 लाख लोग कालाजार से प्रभावित हैं. जिले में कुल 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 121 स्वास्थ्य उपकेन्द्र एवं 147 ग्राम कालाजार से प्रभावित है. अभियान के दौरान इन प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक रूप से अभियान चलाया गया. प्रभावित क्षेत्रों में सिंथेटिक पारथराइड पाउडर के छिडकाव के साथ आम लोगों को कालाजार पर जागरूक भी किया गया. अभियान के दौरान कुल 5 नए मरीजों की पहचान:
जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय नारायण प्रसाद ने बताया अभियान के दौरान जिले में 5 कालाजार के नए मरीज मिले हैं. चिन्हित मरीजों की उपचार शुरू कर दी गयी है. अभियान के अलावा भी जिले में कालाजार प्रभावित लोगों की पहचान करने पर बल दिया जा रहा है. विशेषकर जिले के कालाजार प्रभावित प्रखंडों में व्यापक स्तर पर मुहिम चलायी जा रही है. इसके लिए संबंधित अधिकारीयों एवं कार्यकर्ताओं को जरुरी निर्देश भी दिए गए है. कालाजार उन्मूलन के लिए सामूहिक सहभागिता की बहुत जरूरत होती है. आम लोगों की जागरूकता कालाजार उन्मूलन में सहयोगी साबित होगा. अधिकतम प्रभावित घरों को किया गया कवर :
अभियान के दौरान जिले के सभी प्रभावित प्रखंडों में अभियान चलाया गया. प्रभावित प्रखंडों के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को कवर किया गया. जिसमें बाबूबरही, अंदराठाढ़ी, घोघरडीहा एवं हरलाखी प्रखंड में 99 प्रतिशत एवं बासोपट्टी , लदनिया, मधवापुर एवं जयनगर प्रखंड में 98 प्रतिशत घरों में सिंथेटिक पारथराइड का छिडकाव किया गया. वहीं झंझारपुर ब्लॉक के 100 प्रतिशत घरों को कवर किया गया.300 कार्यकर्ताओं ने किया सहयोग:
केयर इंडिया के डीपीओ-भीएल धीरज कुमार ने बताया अभियान के लिए सुपरवाजर एवं फ्रंट लाइन वर्करों लागए गए थे. इस दौरान 50 सुपरवाजर एवं 250 फ्रंट लाइन वर्करों ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. अभियान के दौरान जिले के कुल 97 प्रतिशत कालाजार प्रभावित घरों को आच्छादित किया गया .क्या है कालाजार:
कालाजार को काला ज्वर भी कहा जाता है और यह एक गंभीर रोग है, जो परजीवी से फैलता है. इसे एक धीमी गति से फैलने वाला स्थानीय रोग भी कहते है जिसका वायरस या परजीवी सीधे हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है. सतह ही यह लीवर को भी क्षति पहुँचाता है| भारत के कुछ पूर्वी राज्य जैसे की बिहार, झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल आदि में इस बीमारी से ग्रसित लोगों की संख्या अधिक है.