जल के बिना जीवन नहीं,जल तभी रहेगा जब हरियाली रहेगी:रमेश ऋषिदेव

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योजना को समय सीमा के अंदर पूरा करने का निर्देश
सहरसा:  जल के बिना जीवन नहीं, जल तभी रहेगा जब हरियाली रहेगी। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन को देखते हुए जल-जीवन-हरियाली अभियान आज के समय में सर्वाधिक प्रासंगिक है। यह सहरसा जिला के लिए हीं नहीं बल्कि पूरे बिहार और देष के हित में है। आज विकास भवन सहरसा के सभागार में जिला प्रभारी मंत्री -सह-अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग मंत्री रमेश ऋषिदेव ने जल जीवन हरियाली की जिला परामर्ष दात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उक्त बातें कही।
 उन्होंने कहा कि सहरसा जिला को इस अभियान में जो लक्ष्य प्राप्त हुआ है उससे अधिक की प्राप्ति करें। किसानों को जिस प्रकार के पौधे की आवष्यकता है, उन्हें उपलब्ध करायें। प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर भी जल जीवन हरियाली के संदर्भ में बैठक कर लोगों को जागरूक करते हुए इस अभियान से जोड़ें। व्यापक प्रचार-प्रसार कराते हुए लोगों को जागरूक एवं प्रोत्साहित करें। सभी विभाग अपने-अपने संरचनाओं, परिसरों, भवनों के आसपास वृक्षारोपण करें। अधिक से अधिक वृक्षारोपण से पर्यावरण में बदलाव आएगा। आहर पईन, पोखर, नहर आदि पर बसे गरीब
महादलित लोगों के विस्थापन में उनके लिए समुचित व्यवस्था करायी जाय। जिला प्रभारी मंत्री ने मत्स्यगंधा योजना को समय सीमा के अंदर पूरा करने का निर्देश
दिया।

जिलाधिकारी शैलजा शर्मा ने सहरसा जिला में जल जीवन हरियाली अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों एवं दायित्वों के संबंध में कहा कि तालाब पोखर पईन आहर कुआं नलकूप आदि जल निकायों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाते हुए जीर्णोद्धार का कार्य आरंभ किये गये हैं। जैविक खेती को प्रोत्साहित की जा रही है। सरकारी भवनों, स्कूलों, अस्पतालों/स्वास्थ्य केंद्र भवनों के माध्यम से रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जा रही है। सार्वजनिक कुआ, नलकूपों के पास सोख्ता के निर्माण किये जा रहे हैं। प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप पौधारोपण का कार्यक्रम है। न्यूनतम दो हजार प्रति पंचायत पौधारोपण का लक्ष्य है। विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, पुलिस लाइन, पेट्रोल पंप, सरकारी भवनों के परिसरों में पौधारोपन कराये जाएंगे। अगले वर्ष एक दिन में हीं वृहद स्केल पर पौधारोपण हेतु माइक्रो प्लान तैयार किये जा रहे हैं। साथ हीं पौधषालाओं के सृजन एवं अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए भी कार्य योजना बनाई जा रही है। बिजली बचत के लिए सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देष दिये गये हैं। जिससे बिजली उपभोग में कमी आयी है। 

आगे उन्होंने कहा कि 19 जनवरी, 2020 को जल जीवन हरियाली,बाल विवाह, दहेज प्रथा उन्मूलन आदि के प्रति जागरूकता के लिए सहरसा जिला में 240 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनेगी जो मधेपुरा और सुपौल जिला से जुुड़ा रहेगा।
जिलाधिकारी ने सभी से अपील किया कि इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी मानव श्रृंखला में करायें। जिलाधिकारी ने तालाब, पईन, पोखर, नहर आदि पर बसे गरीब महादलित परिवारों के विस्थापन के संबंध में आष्वष्त किया कि उनके लिए समूचित व्यवस्था की जाएगी। उप विकास आयुक्त राजेश कुमार सिंह ने जल जीवन हरियाली के तहत प्राप्त लक्ष्य एवं किये जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति के संबंध मे विस्तृत रूप में समिति को जानकारी दी।बैठक में विधायकगण द्वारा सहरसा-मधेपुरा मार्ग एवं सोनवर्षा में अवस्थित नदियों पर चेक डेम बनाने की संभावना पर विचार व्यक्त किया गया। जिलाधिकारी द्वारा उप विकास आयुक्त को इस संबंध में आवष्यक कारवाई हेतु निर्देष दिये गए। मत्स्यगंधा झील के संबंध में नलकूप विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा बताया गया कि टेंडर एवं सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। अभी पानी है उसके निकलते हीं तेजी से काम आरंभ कर दी जाएगी। लगभग छः लाख एम.क्यू. मिट्टी को हटाकर उतनी क्षमता का जल संचय बनाये जाने की योजना है। बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी के उपस्थित नहीं रहने पर जिला प्रभारी मंत्री द्वारा क्षोभ व्यक्त किया गया।
बैठक में विधायक अरूण कुमार यादव, मो॰ जफर आलम, अध्यक्ष जिला परिषद अड़हुल देवी,अध्यक्ष नगर परिषद रेणु सिन्हा,सिविल सर्जन ललन सिंह सहित विभिन्न विभागों के तकनीकी एवं गैर तकनीकी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।