शिक्षा और कला के समागम से ही हो सकता है बच्‍चों का सर्वांगीन विकस : नीरज कुमार

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ताली बजाकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया

पटना : शिक्षा देश की रीढ़ है और शिक्षा के बिना किसी राष्‍ट्र की उन्‍नति की कल्‍पना तक नहीं की जा सकती है । ऐसे में जब शिक्षा व कला का समागम होगा और दोनों को समान दृष्टि से देखा जायेगा, तभी बच्‍चों का सर्वांगीन विकास होगा और देश व राज्‍य तरक्‍की करेगा। इसके लिए स्‍कूली पाठ्यक्रम में कला को भी बराबर महत्‍व मिलना चाहिए। उक्‍त बातें राजधानी पटना के कालीदास रंगालय में ऐलेन जोसेफ पब्लिक स्‍कूल, कंकड़बाग के 15वें स्‍थापना दिवस और वार्षिकोत्‍सव का विधिवत उद्घाटन करते हुए बिहार के  सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री  नीरज कुमार ने कही। उन्‍होंने कहा कि निजी स्‍कूलों की यह नैतिक जिम्‍मेदारी बनती है कि शिक्षा को उन बच्‍चों तक भी पहुंचाया जाये, जो समाज के अंतिम पैदान पर खड़े हैं। इस दिशा में बिहार में नीतीश कुमार की सरकार सराहनीय कार्य कर रही है। मंत्री नीरज कुमार ने अपने भाषण के दौरान बच्‍चों और शिक्षकों का उत्‍साहवर्द्धन भी किया।

इस मौके पर पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अधिवक्ता डॉ उदय प्रताप यादव ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षित करके राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। वहीं, सभा की अध्यक्षता करते हुए डॉ अनिल कुमार ने कहा कि निजी स्कूलों की शिक्षा को एक व्यवसाय की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। आज उदारीकरण के दौर में शिक्षा में कई तरह की विसंगतियां आ गई है, जिससे बच्चे और अभिभावक दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की कि ऐसे मामलों में वे सज्ञान लें और सख्त कानून बनाये, जो पुस्तकों की गुणवत्ता की कीमतों पर नियंत्रण रखे।कार्यक्रम में स्कूल की प्रधानाचार्य मोना शुक्ला ने रणनीतिकार चाणक्‍य की बातों का हवाला देते हुए कहा कि महान बच्चों के विकास या विनाश का बीज शिक्षक के गोद में अंकुरित होता है, इसलिए शिक्षक होना एवं शिक्षा देना, एक राष्ट्र के लिए अहम जिम्मेवारी है। हमारे स्कूल के शिक्षक पूरी तरह इस जिम्मेदारी के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा रहे हैं तथा बच्चों के प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।उधर, वार्षिकोत्‍सव के दौरान स्‍कूल के बच्‍चों ने सांस्‍कृतिक कार्यक्रम प्रस्‍तुत कर माहौल में उमंग भर दिया। मौका पर स्कूल के बच्चों कुछ बच्चों ने लोकनृत्य, कुछ नए देशभक्ति तो अनमोल, सपना, सृष्टि, नंदिनी, शिवम और आयुष बॉलीवुड के गानों पर जमकर नाचे, तो हंसिका, अंकिता, अदिति, पूजा और निशा ने भी अपने डांस माध्यम से भिन्न – भिन्न राज्यों की कला और संस्कृति का प्रदर्शन किया जिस पर दर्शक दीर्घा में बैठे अभिभावक, शिक्षक और अन्य दर्शकों ने ताली बजाकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। इस मौके पर स्कूल के शिक्षक सुनीता, अल्का, सोनी उजाला और रितु भी मौजूद थीं।