दिल्ली अग्निकांड में मृतक संजर एवं अफजल के परिजन को नहीं मिला परिवारिक लाभ के तहत 20 हजार की राशि

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दान की ज़मीन पर रहने को घर नहीं,बीपीएल में नाम नहीं

सहरसा: देश की राजधानी दिल्ली में रविवार अहले सुबह जैकेट फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में स्वाहा हुए ज़िले के नरियार एवं नवहट्टा क्षेत्र के 3 मजदूरों का शव सहरसा एम्बुलेंस से सहरसा लाया गया ।

इस अग्निकांड में नरियार के सात मृत लोगों के शव में से एक शव फरीद का बुधवार की दोपहर एम्बुलेंस से घर पहुंचा। अग्निकांड के चार दिन बाद नरियार लाए गए फरीद के शव को देखने के लिए गांव सहित आस-पास के लोगों,नेताओ समाजसेवियों की भीड़ जमा हो गई।

शव की सूचना मिलते ही जदयू नेता अक्षय झा,कहरा प्रखंड प्रमुख रचना प्रकाश,बीडीओ रचना भारतीय,सीओ कुमारी तौसी सदलबल नरियार पहुंच फरीद के परिजन सहित अन्य मृतक के परिजनों मिलकर हाल-चाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिया और अन्य छह लोगों के शव के बारे में जानकारी ली ।नरियार पहुंचे जदयू नेता अक्षय झा,प्रमुख रचना प्रकाश,बीडीओ रचना भारतीय,सीओ कुमारी तौसी,मुखिया पति दिनेश सिंह,पंचायत सचिव बालेश्वर सिंह द्वारा सभी मृतक के घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों को परिवारिक लाभ योजना के तहत 20-20 हजार का चेक सौपा ।बताते चले कि नरियार गांव के सभी सात मृतक मे सिर्फ पांच मृतकों के परिजनों-आश्रितों को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ मिला । बांकी के 2 अत्यंत ही गरीब परिवार का बीपीएल सूची में नाम नही रहने के कारण लाभ से वंचित होना पड़ा । मौके पर पहुंचे जदयू नेता सहित अधिकारियों ने इतना जरूर कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ यह घर तक पहुंचेगा । परिवारिक योजना का लाभ मृतक फरीद के पिता मोहम्मद अलीम,मृतक राशिद की मां नसेरूण खातून, सेजल के मां रुखसाना खातून,ग्यासुद्दीन की मां रुखसाना खातून एवं सुजीन के पत्नी संजूम खातून को दिया गया। शेष दो संजर एवं अफजल का नाम तथा उनके परिजनों का नाम बीपीएल सूची में नहीं रहने के कारण इस लाभ से वंचित रखा गया। #कुुुणाल किशोर