‘यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे’ पर वरिष्ठ नागरिकों की होगी स्वास्थ्य जाँच

1084

 12 दिसम्बर को विश्व भर में मनाया जाता है यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे

• ‘कीप द प्रॉमिस’ होगी इस साल की थीम

12 से 19 दिसम्बर तक शिविर लगाकर जाँच एवं दवा वितरण

गैर संचारी एवं नेत्र संबंधित रोगों की होगी विशेष जाँच
दरभंगा : प्रत्येक साल 12 दिसम्बर को विश्व भर में ‘यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे’ मनाया जाता है. इस वर्ष के ‘यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे’ की थीम ‘कीप द प्रॉमिस’ होगी. स्वास्थ्य विभाग ने इस मौके पर राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जाँच सुविधा उपलब्ध कराने का फ़ैसला किया है. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर इसके संबंध में निर्देशित किया है.
12 से 19 दिसम्बर तक लगेगा शिविर:
पत्र के माध्यम से बताया गया कि 12 से 19 दिसम्बर तक राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं विकसित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में शिविर लगाकर वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जाँच की जाएगी. शिविर आयोजन की समुचित तैयारी करने के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित भी किया गया है. गैर संचारी एवं नेत्र रोगों की जाँच एवं दवा वितरण :
12 से 19 दिसम्बर तक लगाये जाने वाले कैंप में गैर संचारी एवं नेत्र रोगों की जाँच पर विशेष बल दिया जाएगा. जिसमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ह्रदय रोग, गठिया, पार्किन्संस, मनोभ्रंश, अल्जायमर, नाक-कान-गला रोग, दन्त एवं नेत्र रोग शामिल होंगे. जाँच के बाद बुजुर्गों को दवा भी दी जाएगी. इसके लिए संबंधित सिविल सर्जन को पर्याप्त मात्रा में जरुरी दवाएं एवं जाँच के लिए ग्लूकोमीटर, लैंसेट, ग्लुकोस्ट्रीप, बीपी मशीन आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही शिविर के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार की बात कही गयी है. यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज का उद्देश्य:
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बिना किसी आर्थिक चुनौती के समुदाय के सभी लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित होना ही यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज का मुख्य उद्देश्य है. आम लोगों को केवल आधारभूत स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य नहीं है बल्कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा की पहुँच समुदाय तक सुनिश्चित कराने के साथ निरंतर इसमें सुधार करना भी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार:

  • विश्व भर में 10 करोड़ लोग स्वास्थ्य सुविधाओं पर अत्यधिक खर्च करने के कारण गरीब हो जाते हैं
  • विश्व भर में 80 करोड़ लोगों को ( विश्व जनसंख्या की लगभग 12% आबादी) अपनी कुल घरेलू खर्च का लगभग 10% स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करने पड़ते हैं
  • विश्व जनसंख्या की लगभग आधी आबादी को जरुरी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हो पाती है