ब्राह्मण समाज के योगदान के बिना राष्ट्र उन्नति अपूर्ण : जे एन त्रिवेदी

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21 दिसंबर 2019 को पटना में होगा ब्राह्मण विमर्श गोष्‍ठी

ब्राह्मण समाज की खोई प्रतिष्ठा पुनः पाने के हो उपाय, तभी दूर होगी सामाजिक कुरीतियां

पटना : सामाजिक विचारक जे एन त्रिवेदी के द्वारा राजधानी पटना के होटल मौर्या में एक संवाददाता सम्‍मेलन किया गया,  जिसमें ब्राह्मण समाज के स्वर्णिम इतिहास को संदर्भित कर वर्तमान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जे एन त्रिवेदी ने कहा कि ब्राह्मण समाज का योगदान राष्ट्र निर्माण में बेहद खास रहा है। इसके अलावा ब्राह्मण समाज ने हमेशा समाज के सभी वर्गो को साथ लेकर चलने का काम किया है। तभी आज भारत का इतिहास स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। लेकिन विगत कुछ वर्षों से कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ब्राह्मण समाज को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। उसमें वे सफल भी हो पा रहे हैं। सच पूछिये तो ये साजिश अंग्रेजी शासन काल से ही शुरू हुआ और आजादी के बाद भी कतिपय स्‍वार्थी लोगों द्वारा अपने – अपने स्‍वार्थ सिद्धि के लिए अब किया जा रहा है।  ब्राह्मण समाज के योगदान के बारे में अन्‍य समाज के लोगों में पूरी जानकारी नहीं है। यह अवगत कराना अपने तथा अन्‍य समाज को हमारा उद्देश्‍य है ।

उन्होंने कहा कि आज समाज में व्याप्त इस गलतफहमी को दूर करना कि समाज में सामाजिक कुरीतियों के लिए ब्राह्मण समाज जिम्मेदार है, सबसे ज्यादा जरूरी है। ऐसे ही इल्जाम लगा कर बीते कई सालों से ब्राह्मण समाज के मान सम्मान और अधिकार से खिलवाड़ किया जा रहा है। यह गलत है। समाज की उस धारणा को बदलना होगा जिसमें ब्राह्मण समाज को बदनाम किया जा रहा है और हमारे मान – सम्मान को ठेंस पहुंचाया जा रहा है। ब्राह्मण समाज का मानना है कि समाज में उसके योगदान को नजर अंदाज किया जा रहा है। ब्राह्मण समाज का राष्‍ट्र निर्माण में किये गए योगदान को लोगों को अवगत कराना है।

इसी उद्देश्‍य को ध्‍यान में रखकर दिनांक 21 दिसंबर 2019 को मौर्या होटल, पटना में एक गोष्‍ठी का आयोजन किया गया है, जिसमें देश और विदेश के गणमान्‍य विद्वान भाग लेंगे। इस अवसर पर इसी उद्देश्‍य से संबंधित एक स्‍मारिका का भी विमोचन होगा।

राष्ट्र की उन्नति के लिए ब्राह्मण समाज को याद रखना चाहिए कि समाज में विभिन्न समुदायों के बीच भाईचारा स्थापित करना है। ब्राह्मण समाज को राष्ट्र के विकास में अपने योगदान और विरासत को समझना होगा। ब्राह्मण समाज के योगदान के बिना राष्‍ट्र की उन्‍नति अपूर्ण प्रतीत होता है।