Live: अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया

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डेस्क : अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने इस फैसले में विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को देने का फैसला किया है. जबकि मुस्लिम पक्ष को अलग स्थान पर जगह देने के लिए कहा गया है. यानी सुन्नी वफ्फ बोर्ड को कोर्ट ने अयोध्या में ही अलग जगह जमीन देने का आदेश दिया है.
मिनट मिनट क्या-क्या हुआ,पढ़े:
10:42 am: सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले केस नंबर 1501,शिया बनाम सुन्नी वक्फ बोर्ड केस में एक मत से फैसला आया,इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज कर दिया गया,कोर्ट ने 1946 का फैसला बरकरार रखा.
10:42 am सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद में निर्मोही अखाड़े के दावे को खारिज कर दिया,कोर्ट ने कहा कि दावा 6 साल की समय सीमा के बाद दाखिल हुआ.
10:43 am: अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा,नमाज पढ़ने की जगह को मस्ज़िद मानने के हक को हम मना नहीं कर सकते,1991 का प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट धर्मस्थानों को बचाने की बात कहता है,एक्ट भारत की धर्मनिरपेक्षता की मिसाल है.
10:44 am :अयोध्या मामले पर जज ने फैसला पढ़ना शुरू किया,कहा- मस्ज़िद 1528 की बनी बताई जाती है लेकिन कब बनी इससे फर्क नहीं पड़ता.
10:44 am:सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद में रामलला को कानूनी मान्यता दी,कहा- खुदाई के सबूतों की अनदेखी नहीं कर सकते.
10:49 am :सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा,साफ है कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी,
नीचे विशाल रचना थी, वह रचना इस्लामिक नहीं थी.,वहां मिली कलाकृतियां भी इस्लामिक नहीं थी.
10:53 am :सुप्रीम कोर्ट ने कहा,विवादित ढांचे में पुरानी संरचना की चीज़ें इस्तेमाल हुईं,
कसौटी का पत्थर, खंभा आदि देखा गया,ASI यह नहीं बता पाए कि मंदिर तोड़कर विवादित ढांचा बना था या नहीं,12वीं सदी से 16वीं सदी पर वहां क्या हो रहा था, ये साबित नहीं.
10:54 am :सुप्रीम कोर्ट ने कहा,हिन्दू अयोध्या को राम भगवान का जन्मस्थान मानते हैं.मुख्य गुंबद को ही जन्म की सही जगह मानते हैं,अयोध्या में राम का जन्म होने के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया.
10:55 am :सुप्रीम कोर्ट ने कहा,गवाहों के क्रॉस एक्जामिनेशन से हिन्दू दावा झूठा साबित नहीं हुआ,सूट 5 (रामलला) ने ऐतिहासिक ग्रंथों, यात्रियों के विवरण, गजेटियर के आधार पर दलीलें रखीं.चबूतरा,भंडार, सीता रसोई से भी दावे की पुष्टि होती है.
10:56 am :सुप्रीम कोर्ट ने कहा,चबूतरा,भंडार, सीता रसोई से भी दावे की पुष्टि होती है,लेकिन टाइटल सिर्फ आस्था से साबित नहीं होता,सिर्फ विवादित ढांचे के नीचे एक पुरानी रचना से हिंदू दावा माना नहीं जा सकता.
11:00 am :सुप्रीम कोर्ट ने कहा,मुसलमान दावा करते हैं कि मस्ज़िद बनने से 1949 तक लगातार नमाज पढ़ते थे,लेकिन 1856-57 तक ऐसा होने का कोई सबूत नहीं है.
11:00 am: सुप्रीम कोर्ट ने कहा,अंदरूनी हिस्से में मुस्लिमों की नमाज बंद हो जाने का कोई सबूत नहीं मिला.अंग्रेज़ों ने दोनों हिस्से अलग रखने के लिए रेलिंग बनाई.
11:01 am :सुप्रीम कोर्ट ने कहा,1856 से पहले हिन्दू भी अंदरूनी हिस्से में पूजा करते थे.रोकने पर बाहर चबूतरे की पूजा करने लगे,फिर भी मुख्य गुंबद के नीचे गर्भगृह मानते थे इसलिए रेलिंग के पास आकर पूजा करते थे.
 11:03 am:सुप्रीम कोर्ट ने कहा,1934 के दंगों के बाद मुसलमानों का वहां कब्ज़ा नहीं रहा,वह जगह पर Exclusive Poseission साबित नहीं कर पाए हैं,जबकि यात्रियों के वृतांत और पुरातात्विक सबूत हिंदुओं के हक में हैं.
11:06 am:सुप्रीम कोर्ट ने कहा,6 दिसंबर 1992 को स्टेटस को का ऑर्डर होने के बावजूद ढांचा गिराया गया,लेकिन सुन्नी बोर्ड एडवर्स पोसेसन की दलील साबित करने में नाकाम रहा है,लेकिन 16 दिसंबर 1949 तक नमाज हुई,सूट 4 और 5 में हमें सन्तुलन बनाना होगा.
11:08 amसुप्रीम कोर्ट ने कहा,सूट 4 और 5 में हमें संतुलन बनाना होगा,हाई कोर्ट ने 3 हिस्से किये. यह तार्किक नहीं था,हर मजहब के लोगों को एक जैसा सम्मान संविधान में दिया गया है.
11:10am:अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला,विवादित जमीन रामलला को
11:15 am:सुप्रीम कोर्ट का फैसला- विवादित जमीन रामलला की है,मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन कहीं और दी जाए,केंद्र सरकार तीन महीने में स्कीम बनाए, ट्रस्ट बनाए.