विरासत : सहसौल में 1933 से हो रहा काली पूजा में नाटक का मंचन

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नाटक विलुप्त के कगार पर

सहरसा@भार्गव भारद्वाज :  जिले के सोनवर्षा राज प्रखंड अन्तर्गत सहसौल गांव में काली पूजा के अवसर पर लोक नाट्य कला परिषद के तत्वाधान में दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम व नाटक का मंचन किया गया।

उक्त कार्यक्रम में जहां पश्चिम बंगाल के कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक गीत व नृत्य की प्रस्तुती देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। वहीं लोक नाट्य कला परिषद का 86 वाँ स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर ग्रामीण कलाकारों द्वारा रावण “तुम कब जाओगे” नामक सामाजिक नाटक का सफल मंचन किया गया।

मालूम हो कि वर्ष 1933 ई० में ग्रामीण स्व०केदार नारायण सिंह द्वारा लोक नाट्य कला परिषद की स्थापना किया गया था।उसके पश्चात नाटक का मंचन निरंतर जारी है। एक तरफ जहां सम्पूर्ण जिले में नाटक विलुप्त के कगार पर पहुंच चुका है वहीं सहसौल गांव में प्रत्येक वर्ष आयोजित हो रही अभिनय का मंचन देखने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से दर्शक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।जहां ग्रामीणों द्वारा काफी सहयोग आयोजन समिति को मिलता है।

उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में परिषद के बयोवृद्ध संरक्षक राघवेन्द्र नारायण सिंह , अध्यक्ष डा० सतेन्द्र कुमार सिंह , मंत्री कुमार सुवेन्द्र , पंचायत के मुखिया शिवेन्द्र कुमार सिंह, सरपंच संजीत कुमार सिंह उर्फ पन्ना ,मुकुल कुमार सिंह समेत कई अन्य का सहयोग सराहनीय रहा।