DPRO ने मतदान कवरेज से वंचित रखा दर्जनों पत्रकार को,पास निर्गत में किया भेदभाव

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डीपीआरओ ने अपने चहेते को निर्गत किया मतदान कवरेज पास
सहरसा : सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा उपचुनाव में जिले के दर्जनों प्रिंट,इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑनलाइन वेब पोर्टल के पत्रकारों को डीपीआरओ द्वारा पास निर्गत नहीं किया गया ।जिसकों लेकर राष्ट्रीय सहारा के जिला संवाददाता आशीष कुमार झा सहित अन्य पत्रकारों ने
डीपीआरओ का विरोध करते हुए जारी बयान में कहा कि
सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर कवरेज पत्र जमा करने के बाद भी दर्जनों मीडियाकर्मी का पास नही बनाया गया। उन्होंने कहा कि डीपीआरओ की मनमानी के विरोध में हमलोग चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद आंदोलन करेंगे।जिसमे जिले के कई पत्रकार एवं पत्रकार संग़ठन मेरे साथ हैं। हम कानून-नियम पसंद व्यक्ति हैं।
सूचना व जनसम्पर्क पदाधिकारी(डीपीआरओ) अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं लाकर मनमानी कर राजनीति कर रहे हैं। डीपीआरओ के द्वारा अपने चहेते को प्रेस पास निर्गत किया गया है। उन्होने कहा कि हम हाथ पर हाथ घरे नहीं बैठेंगे और अब आर-पार की लड़ाई होगी। आचार संहिता के कारण आंदोलन को रोका गया।
उन्होंने कहा कि इस समय पत्रकारिता में कुछ ऐसे लोग प्रवेश कर गए हैं जिनका पत्रकारिता से कोई लेना-देना नहीं है। शुद्ध दलाली कर रहे हैं। ऐसे दलालों का विरोध होना ही चाहिए। जो कि कहीं जनता को ठगने में लगे हैं तो कहीं दलाली-ब्लैकमेलिंग, काले कारनामों को अंजाम दे रहे हैं। जिससे पत्रकारिता और पत्रकारों की छवि ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गई है। उन्होने यह भी कहा कि दलाल पत्रकारों में गजब की एकता है। ये चील-कौवों की तरह मंडराते कभी भी कहीं भी देखे जा सकते हैं। इसकी भी जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दुष्ट लोगों की सक्रियता समाज को बर्बाद नहीं करती, बल्कि हमेशा अच्छे लोगों की निष्क्रियता समाज को बर्बाद करती है। गलत का विरोध से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ऐसा नहीं कि सहरसा में अच्छे पत्रकार नहीं हैं, अच्छे पत्रकार भी हैं। उन्हें चुप्पी तोड़कर गलत का विरोध करना चाहिए। बताया कि सहरसा के एक उच्च पदस्त पदाधिकारी को कतिपय पत्रकारों से डर लगता है इसी के कारण प्राधिकार पत्र वितरण में भी जातीय व दबंगता की राजनीति हूई है।
 ज़िले में कई अच्छे और व्यवहार कुशल पदाधिकारी
पत्रकार आशीष कहते है कि जिला पदाधिकारी की गिनती एक अच्छे पदाधिकारी के रूप में होती है। उन्होने कहा कि सहरसा के एसपी, सदर एसडीओ,एसडीपीओ सहित अन्य अधिकारी-पदाधिकारी भी अच्छे पदाधिकारी हैं।उन्हें इस दिशा में हस्तक्षेप करनी की आवश्यकता है।