जो व्यक्ति सपने नहीं देखते वो आगे नहीं बढ़ सकते: के.सेंथिल कुमार

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अब्दुल कलाम के जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम
सहरसा: डाॅ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने युवाओं को सपने देखने एवं उसे पूरा करने की प्रेरणा दी है। सहरसा या अन्य किसी भी क्षेत्र,शहर जहाँ लोग सोचते हैं अच्छे स्कूल नहीं है, पैसा नहीं है तो बड़े सपने नहीं देख सकते और न हीं पूरा कर सकते तो उनका यह सोचना गलत है। कलाम साहब ने अपना जीवन एक छोटे से शहर से शुरू किया और वे राष्ट्रपति भवन तक पहुँचे। यह प्रेरणादायी है कि छोटे से शहर लोग भी बड़े सपने देख कर उसे पूरा कर सकते हैं। डाॅ. कलाम वैज्ञानिक बने और देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हुए। उन्होंने अपना पूरा जीवन बच्चों एवं युवाओं को प्रेरित करने में लगा दिया। आज प्रमंडलीय आयुक्त के.सेंथिल कुमार वीर कुँवर सिंह मध्य विद्यालय,गंगजला में डाॅ॰ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरा भी सपना था कि मैं कलक्टर बन के समाज की सेवा करूँ। पहले मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए अपना प्रयास किया एवं सफल रहा। आज मैंने यहाँ कई बच्चों से उनके सपने के विषय में पूछा कुछ बच्चों ने शिक्षा की क्षेत्र में अपने सपने को बताया। शिक्षा में वो शक्ति है जिसके द्वारा समाज को सही दिशा प्रदान की जा सकती है। समाज के सुधार के लिए हम सपने देखते हैं। जब तक समाज
शिक्षित नहीं होगा तब तक हमारा समाज आगे नहीं जाएगा। शिक्षक का पद एवं भूमिका समाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
आगे उन्होंने कहा कि डाॅ॰ कलाम साहब ने कहा है कि हर व्यक्ति को सपने देखने चाहिए, जो व्यक्ति सपने नहीं देखते वो आगे नहीं बढ़ सकते है। बिना सोये सपने देखें और दृढ़ संकल्प के साथ उसे पूरा करें। आयुक्त ने उपस्थित बच्चों से पूछा कि वे डाॅ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विषय में क्या वे जानते हैं कि वे कौन थे ,उन्होंने बारी-बारी से बच्चों से उनके सपनों के
विषय में पूछा। छठी कक्षा के छात्र मो॰ नोमान ने कहा कि उसका बड़ा होकर पुलिस आफिसर बनने का सपना है, तब आयुक्त ने कहा कि पुलिस आफिसर बन के क्या करेंगे तो छात्र ने कहा कि समाज में न्याय करेंगे। छात्रा सुनिता ने अपने सपने के बारे में बताया कि मेरी बचपन से इच्छा है कि मैं एयरफोर्स में जाउँगी। सोनी प्रवीण ने कहा कि मैं यह सपना देखती हूँ कि भविष्य में मैं प्रिंसिपल बनना चाहती हूँ। आयुक्त द्वारा क्यों पूछे जाने पर उसने कहा कि मैं बच्चों को अच्छी शिक्षा दुँगी। कक्षा 1 की छोटी सी छात्रा साहेबा ने कहा कि मैं डाॅक्टर बनकर समाज की सेवा करूँगी। रसीदा प्रवीण ने बताया मैं शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ाना चाहती हूँ। कक्षा 6 के छात्र गोलू ने बताया कि मेरा सपना है कि मैं बड़ा होकर एक डाॅक्टर बनुँगा, तब आयुक्त ने पूछा कि डाॅक्टर बनकर कहाँ इलाज करेंगे पूछे जाने पर गोलू ने कहा कि वह अपने गाँव में हीं रहकर सेवा करेंगे और गरीबों का फ्री में इलाज करेंगे। एक छात्र सूर्योदय कुमार ने कहिा कि बड़ा होकर मेरा सिंगर बनने का सपना है।
आयुक्त के अनुरोध पर उसने ऐ मेरे प्यारे वतन गीत गाकर सुनाया। इसी प्रकार कई बच्चों ने अपने-अपने सपनों के बारे में बताया।
सभी के सपनों के विषय में जानकर आयुक्त ने कहा कि
समय का सदुपयोग करके परिश्रम और सही दिशा से हीं लक्ष्य की प्राप्ति होगी। महापुरूषों की जीवनी पढ़े और उनसे प्रेरणा लें हमलोग हर दिन सीखते हैं। शिक्षक की भूमिका में भी आयुक्त नजर आए ।अपने सपनों को पूरा करने का आज से हीं संकल्प लें, मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है। इस अवसर पर आयुक्त ने छात्रा नुजहत बानो को डाॅ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम की पुस्तक अग्नि की उड़ान प्रदान किया ओर इसे पढ़ने को कहा।
प्रमंडलीय आयुक्त के प्रेरणादायी संबोधन एवं उत्साहवर्द्धन के परिणाम स्वरूप कार्यक्रम समाप्ति के पष्चात् छात्र-छात्राओं में उनका आटोग्राफ लेने की होड़ लग गई। आयुक्त ने सभी बच्चों को आटोग्राफ दिया। इसके पष्चात बच्चों के साथ पंक्ति में
बैठकर उन्होंने मध्याह्न भोजन खाया। पूछे जाने पर कहा कि आज बच्चों के साथ खाकर अच्छा लगा। खाने की गुणवत्ता ठीक थी।
आयुक्त ने डीपीएम, एम.डी.एम. को निर्देश दिया है कि
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता मानक के अनुसार मेनटेन रहना चाहिये। कीचन का भी निरीक्षण करें और साफ-सफाई पर विशेेष ध्यान रखी जाय।इस अवसर पर उप निदेषक जन-सम्पर्क क्षेत्र कोशी प्रमंडल, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं डीपीएम मध्याह्न भोजन, सहरसा
तथा विद्यालय के शिक्षक गण छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।