प्रदेश में कानून का राज समाप्‍त, अपराधी राज में जीने को मजबूर जनता : जाप (लो)

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बगहा में कांग्रेस नेता मोहम्मद फखरुद्दीन की हत्या व छपरा में मॉब लिंचिंग की घटनाएं खोलती हैं सुशासन के पोल

पटना :  बगहा में कांग्रेस नेता मोहम्मद फखरुद्दीन की हत्या व छपरा में मॉब लिंचिंग की घटना की जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक ने घोर निंदा की और सरकार पर जमकर हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज अहमद ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एक तरफ पूरे राज्य में सैकड़ों लोगों की  बाढ़ की विभीषिका में जाने जा चुकी हैं, तो दूसरी ओर बिहार के बगहा में कांग्रेस नेता मोहम्मद फखरुद्दीन एवं छपरा में मॉब लिंचिंग में तीन व्यक्तियों की हत्या से यह साबित होता है कि राज्य में कानून का राज समाप्त हो चुका है। यहां अब अपराधियों का राज है।

उन्‍होंने कहा कि राज्य में पूरी तरह से शासन-प्रशासन का खौफ समाप्त हो चुका ऐसा लगता है कि भाजपा -जद यू एक दूसरे के साथ राजनीति का गेम खेल रही है जिसके कारण पूरे राज्य की जनता हलकान एवं परेशान है एक तरफ मुख्यमंत्री आर एस एस की क्रिया कलाप  की जांच खुफिया एजेंसी से करवा कर आगे की राजनीतिक आधार की तलाश  कर रहे हैं तो दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी इन सब चीजों से बेपरवाह फिल्म देखने में व्यस्त हैं जिस कारण राज्य की जनता बाढ़ ,चमकी बुखार एवं लू से हजारों की संख्या में काल के गाल में समा चुके हैं लेकिन इसके बाद भी राज्य सरकार की निंद्रा नहीं खुली है। दूसरी ओर लगातार कानून-व्यवस्था के सवाल पर लगातार बैठक करने के बावजूद हत्याओं का एक सिलसिला चल पड़ा है़।

उन्‍होंने कहा कि अब तो हद हो गई की राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं  की हत्या हो रही है इसी क्रम में आज बगहा में कांग्रेस के नेता मोहम्मद फखरुद्दीन की हत्या हुई, छपरा में कानून को हाथ में लेकर  भीड ने  मौब लिंचिंग के द्वारा  तीन लोगों की  पीट-पीट कर हत्या कर दी जो  ये साबित करता है  कि राज्य में आम जनों का  विश्वास शासन प्रशासन पर से उठ गया है  और  सुशासन के नाम पर  प्रशासनिक अमला  लूटने में मस्त  है, मुख्यमंत्री -उपमुख्यमंत्री अपने-अपने राजनीतिक एजेंडा को  तय करने में व्यस्त है।

एजाज अहमद ने आगे कहा कि   राज्य की जनता अगर ऐसे समय को याद करके वोट के समय अपने वोट का सदुपयोग करें तो राज्य के राजनीति की  दिशा और दशा बदल सकती है विपक्ष भी आज भाजपा और जदयू के नूरा- कुश्ती के खेल में पूरी तरह से फंस चुकी है जिस कारण विपक्ष के नेता दिल्ली में बैठकर राजनीतिक गोटी सेट करने में लगे हुए और शॉर्टकट की राजनीति के सहारे सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं  जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है क्योंकि राज्य की जनता सत्ता के विफल रहने पर विपक्ष की ओर देखती है जो अब कोई कार्य नहीं कर रही है।