नगर आयुक्‍त का तबादला भागलपुर की बदनसीबी : गौतम

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भ्रष्टाचार का बाजार कम से कम नगर निगम में बंद ही रहे

भागलपुर : अंग उत्‍थान आन्‍दोलन समिति बिहार-झारखंड के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन ने भागलपुर नगर निगम के नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीना के अचानक तबादले पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि इस तरह अचानक भागलपुर से एक और ईमानदार अधिकारी का तबादला भागलपुर की बदनसीबी है। उन्होंने कहा कि निगम में चुने हुए जनप्रतिनिधि अपना स्‍वार्थ छो़ड़ इस ईमानदार अधिकारी के साथ चलते तो आज भागलपुर सर्वांगीण विकास के मार्ग पर आसमान की बुलंदियों को छू रहा होता। उन्होंने कहा की उनके द्‍वारा निगम में निर्मित बंगले को लेकर राजनीति करने वाले अब यह भी देखेंगे कि किस तरह नगर आयुक्त अपने इस निर्मित बंगले को लेकर अपने साथ भागलपुर से विदा होंगे। उन्होंने बताया कि दरअसल कमिशनों की खटास और जनप्रतिनिधियों के स्वार्थ सिद्ध नहीं होने के कारण भागलपुर में विकास कार्य बाधित हुआ और समस्याओं के कारण कलंकित भी। उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि एक बार बड़े खुशनसीब से भागलपुर को डीएम गोरेलाल यादव, एसएसपी आर.के. मिश्रा और कुलपति के रूप में रामाश्रय यादव ऐसे कर्मठ ईमानदार और कर्तव्यशील तीन अधिकारी प्राप्त हुए थे।तत्पश्चात भागलपुर को श्यामबिहारी मीना के रूप में नगर आयुक्त नसीब हुए थे,जिन्‍हें इतने दिनों बाद भी लोग समझ नहीं पाए और अपने जिद्द और स्वार्थ के आगे भागलपुर को विनाश के ढेर पर लाकर खड़ा कर करवा दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह ना खाएंगे और ना खाने देंगे को मानकर चलने वाले अंततः टूट गए लेकिन जनप्रतिनिधियों के स्वार्थ कमिशनों की खटास के आगे झुके नहीं।उन्होंने आशा प्रकट करते हुए कहा कि ईश्‍वर करे कि नए नगर आयुक्‍त के रुप में आने वाली प्रियदर्शनी जी भी एक ईमानदार अधिकारी ही हों ताकि भ्रष्टाचार का बाजार कम से कम नगर निगम में बंद ही रहे।