मधुबनी – सिमरी में अब ‘जल संचय’ क़ी आवश्यकता, सरकार भी कर रही आर्थिक मदद

सिमरी में अब ‘जल संचय’ क़ी आवश्यकता, सरकार भी कर रही आर्थिक मदद ।

मधुबनी – सरकार के सात निश्चय योजनाओं में से एक नलजल योजना का कार्य, पंचायत में जोड़ शोर से चल रहा है। सिमरी के सभी तेरह वार्डों में से दस वार्ड में नलजल योजना का काम चल रहा है। कई वार्डों में borewell लग भी चुका है। और कुछ वार्डों में सिमरीयन्स को इस योजना के तहत पानी भी मिल रहा है।
ज्ञात हो कि हमारे जीवन में जल संकट, सबसे बरी समस्या बनकर सामने आ रही है । मधुबनी शहर में लगभग सभी चापाकल सुख चुके हैं। वहां भी अब टैंकरों से पीने का पानी घर घर पहुंचाया जा रहा है। वैसे कुछ साल पहले तक मधुबनी जिले में जल क़ी कोई समस्या नहीं थी। ये समस्या’ जिले में लगातार पर रहे सूखे क़ी मार , अनावश्यक पानी का इस्तेमाल और कई अन्य कारणों से उत्पन्न हुई है। धरती माता के गर्भ में पानी क़ी मात्रा बहुत कम रह गया है। वहीं नलजल योजना के कारण कई borewell एवं चापाकल से लगातार पानी भी निकाला जा रहा है।
वो दिन दूर नहीं कि जब सिमरी में भी एक दो सालों के बाद हमें टैंकरों पर निर्भर रहना पर जाएगा। जल संकट के विकराल रूप से हम सिमरियन्स को सचेत करना चाहते हैं । 
सोखपिट ( सोखता ) बनाकर हम जल संकट से स्थाई निदान पा सकते हैं।
सिमरीयन्स एवं जिले के सभी परिवार अगर एक उपाय अपना लें तो सदा के लिए जल संकट से हम बच सकते हैं। गांव में जीतने भी चापाकल है एवं जहां हम पानी का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, उसके सामने सोखपिट ( सोखता ) बना दें तो उसके आसपास का पानी लेयर कभी कम नहीं होगा। अगर हम सोखता का इस्तेमाल करेंगे तो आनेवाले समय में आसपास के सभी जिले पानी लिए हमपर निर्भर रहेंगे। वहीं जिनके पास मकान के छत है, वो भी बारिश के पानी को संचय कर उसे फिर से रिचार्ज करने के लिए सोखता का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
इसके लिए सरकार आर्थिक मदद भी कर रही है। चापाकल एवं बाथरूम के आसपास सोखता बनाने के लिए 7,000 रुपए एवं मकान के छत के द्वारा बारिश क़ी पानी संचय करने के लिए 9,000 रुपए सरकार दे रही है। तो अब देर ना करें , आज से ही सभी सीमरीयण्स सोखता बनाने क़ी तैयारी में लग जाएं।
जीवन जीने के लिए सबसे बरा धन ‘जल’ है , इसे यूं ही बर्बाद न करें।