सितार गुरू प्रवीर ने नवोदित सितार वादकों को दिए उडा़न के नए पंख

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अंग क्षेत्र के में सितार वादन की नयी सुबह का आगाज

भागलपुर : जिन उंगलियों को उम्मीद नहीं थी कि वे सितार के तार में झंकार पैदा कर पाएंगी, उन उंगलियों ने जब सितार के तारों पर नृत्य करना शुरू किया तो सितार के तार तरह-तरह से झंकृत हो उठे।अंग महाजनपद के हॄधय स्‍थल भागलपुर में पहली बार सितार वादक एवं वादिकाओं ने न सिर्फ सितार की एक शाम का आगाज किया ,बल्कि सितार की एक नई सुबह की भी शुरुआत की ।मौका था एसएमएस मिशन साइंस के सभागार में कला केंद्र के द्वारा आयोजित सुर संगम के अंतर्गत सितार वादन का।इस कार्यक्रम में उन महिला और पुरुष कलाकारों ने अपनी शिरकत दी ,जिन्होंने महज 3 माह से लेकर 3 वर्ष तक सितार के प्रशिक्षण सितार गुरु प्रवीर से ले रहे हैं। इस मौके पर मंच का संचालन करते हुए आकाशवाणी भागलपुर के पूर्व उदघोषक एवं साहित्यकार संजय कुमार ने कहा कि प्रवीर ने घरानों के मिथक को तोड़ना चाहा है और वे चाहते हैं कि घरानों की सीमा बंदी और हदबंदी से कुछ ऐसे लोग सितार की दुनिया में नाम कमाएँ, जिन्होंने ना तो सितार वादन का सपना देखा था और ना ही उनके परिवार में कहीं से सितार वादन की कोई परंपरा रही और न ही संगीत की कोई परंपरा रही है उन्‍होंने हर उस दबे कुचले पिछड़े लोगों को सितार की दुनिया में पहुंचाना चाहा हैं ,जिनमें सीखने का तो दम है लेकिन कहीं ना कहीं उनमें थोड़ी बहुत कमियां है ।ऐसे तमाम लोगों को अपने दम पर जोड़ने वाले प्रवीर ने आज इस मंच पर अपने दमखम से सितार की सात सरस्वतियों को विराजमान कर यह सिद्ध कर दिया है कि अंग क्षेत्र का यह भागलपुर ही नहीं बल्कि पूरे देश में सितार वादक एवं वादिकाओं की एक नई फौज खड़ी हो रही है ,जो जमकर पूरी दुनिया में अंगजनपद भागलपुर और हिन्‍दुस्‍तान के हर कोने में सितार वादन का परचम पूरी दुनिया में फहराएंगे।

सुर संसार में बालिकाओं की रही मनमोहक प्रस्तुति

एसएमएस मिशन साइंस के प्रशाल में हुए सुर संसार कार्यक्रम के अंतर्गत सितार वादन समारोह में 12 सितार वादक एवं बालिकाओं ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं का मनमोह लिया। सबसे खासबात यह रही कि इस कार्यक्रम का आगाज या उद्घाटन किसी विशिष्ट मेहमान के द्वारा न करवाकर खुद सितार बालिकाओं द्वारा कराया गया। उद्घाटन सात दीपक जलाकर 7 सितार बालिकाओं ने किया। जिनमें करुणा चोखानी, मीरा पांडे, गुणानिधि पंडित, मानसी कश्यप, नेहा, सुष्मिता कुमारी और प्रिया कुमारी ने किया।

यमन राग एवं भूपाली राग में स्वरा अलंकार की प्रस्तुति

दीप प्रज्वलन के बाद महिला सितार वादक ने कल्याण थाट के यमन राग एवं भूपाली राग में अलग अलग स्वरा अलंकार पेस किए। इसके बाद लोकधुन फ्यूजन प्रचलित गाना सास गारी देवे… पर सितार के माध्यम से खूबसूरत धुन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में अतिथि कलाकार अभिज्ञान द्वारा शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया गया। जिसकी लोगों ने काफी तारीफ की। उनके साथ तबले पर मुकेश कुमार चौधरी और हारमोनियम पर गोपाल मिश्र ने संगत किया। सितार के युवा वादको ने इसके बाद राग यमन मध्य लय तीन ताल की बेजोड़ प्रस्तुति दी। सितार वादको में ऋषभ, सुमित, रावत एवं आर्यन भट्टाचार्य शामिल है। इसके बाद इन्हीं कलाकारों के साथ सितार गुरु प्रवीर की जुगलबंदी राग काफी मध्य लय, तीन ताल में प्रस्तुत किया। जिसे तबले पर संगत दिया विवेकनंदन ने।

सितार वादन गढ़ेगा नई पहचान

जैन सिद्धक्षेत्र मंत्री सुनील जैन ने स्वागत भाषण में कहा कि बिहार के भागलपुर जैसे क्षेत्र में सितार वादको की एक खूबसूरत दुनिया का निर्माण कर सितार पंडित प्रवीर ने बहुत ही उम्दा कार्य किया है। सरस्वती साक्षात विराजमान है और भागलपुर में ऐसा लगता है कि नया संस्कार नई संस्कृति और नया जोश का संचार होने वाला है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए एसएमएस मिशन के निदेशक केके सिंह ने कहा की सितार की आज गंगा प्रवाहित हुई है। भागलपुर में सितार वादकों की एक नई संस्कृति आने वाली है और इनमें से बहुत वादक एवं वादीका अपना परिचय देश दुनिया में लहराएंगे। मौके पर डां चंद्रेश, कवि राजकुमार, डॉ उदय, सुजाता दास, संजीव कुमार, दीपू ,रंग निदेशक रितेश रंजन ,संगीता सिंह, प्रमोद गुप्ता, अवधेश जायसवाल ,पायल सिंह, धर्मेंद्र कुसुम ,कपिल देव मंडल ,क्राफ्ट विशेषज्ञ संजय झा, श्वेता भारती, डॉ ज्योति चैधरी, डॉ अंजुम तरन्नुम एवं बड़ी संख्या में रंगकर्मी एवं संगीत प्रेमी मौजूद थे।