नहीं रहे पत्रकार प्रो० वशिकांत चौधरी,श्रद्धांजलि

294

रमेश झा महिला कॉलेज में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन

सहरसा : नामचीन पत्रकार और प्रोफेसर वशिकांत चौधरी का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। रमेश झा महिला कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर वशिकांत चौधरी की ख्याति उस वक्त तब निखरी जब सहरसा आगमन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा के भाषण का हिंदी अनुवाद किया था। लोगों को ताज्जुब इस बात को लेकर था कि एक अंग्रेजी के प्रोफेसर इतनी बारीकी से देवगौड़ा जी के अंग्रेजी भाषण को हिंदी में रूपांतरित कर पटेल मैदान में मौजूद हजारों दर्शकों के बीच सहज रूप में रख रहे थे। प्रोफेसर चौधरी के निधन पर सोमवार को रमेश झा महिला कॉलेज में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. रेणु सिंह के नेतृत्व में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। इस मौके पर प्रिंसिपल के अलावे डॉ. शारदा मिश्र,डॉ. के.एम. ठाकुर उर्फ चुन्नू जी, डॉ राणा सुनील कुमार सिंह, डॉ ए के ठाकुर, डॉ बालगोविंद सिंह, डॉ अनिल कुमार, डॉ प्रत्यक्षा, डॉ पूजा, डॉ प्रीति, डॉ संगीता, डॉ रेणु, डॉ प्रदीप कुमार झा, डॉ वरुण, डॉ नरेश कुमार सिंह, डॉ गिरिधर श्रीवास्तव सहित कॉलेज के तमाम स्टाफ मौजूद थे।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से जुड़े प्रोफेसर चौधरी अपने सौम्य और सुशील व्यवहार के लिये सबों के दिल मे बसते थे। मूलतः महिषी ग्राम निवासी प्रोफेसर चौधरी गांव के नाट्य कला मंच से लेकर किसी बड़े आयोजन के समय मंच संचालन करने में कुशल माने जाते थे।

प्रोफेसर चौधरी के निधन पर राजनीतिक दलों के लोगों ने भी गहरा अफसोस जताया है।

जन अधिकार पार्टी ( जाप ) के जिला प्रवक्ता शैलेन्द्र शेखर ने कहा कि प्रोफेसर वशिकांत चौधरी की भरपाई निकट भविष्य में संभव नही है। वो प्रोफेसर, पत्रकार के साथ आमलोगों के दोस्त की भूमिका में रहते थे। पूर्व सांसद आनंद मोहन के संगठन फ्रेंड्स ऑफ आनंद के राष्ट्रीय महासचिव राजन आनंद ने कहा कि कोसी की धरती से एक ऐसे रत्न की कमी हो गयी जिसकी भरपायी जल्द होने की उम्मीद नहीं है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष रमेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ बब्बू सिंह ने कहा कि प्रोफेसर वशिकांत चौधरी का निधन एक व्यक्तिगत नुकसान है। वो प्रोफेसर के साथ साथ  हर समय अभिभावक की भूमिका में रहते थे।