मधेपुरा से ही लड़ूंगा चुनाव,यह जन्मभूमि और कर्मभूमि है मेरा : पप्पू यादव

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मधेपुरा मेरा जन्मभूमि के साथ साथ कर्मभूमि भी है

सहरसा: लोकसभा चुनाव का विगुल बजते ही लोगों की उत्सुकता उम्मीदवारों को लेकर बढ़ गयी है। हर व्यक्ति यह जानना चाहता है कि कौन किस संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में राज्य के चालीस लोकसभा सीटों में एक मधेपुरा संसदीय सीट सुर्खियों में हैं। यहां से अभी जन अधिकार पार्टी ( जाप ) के  राष्ट्रीय संरक्षक राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सांसद हैं। शुरू से ही राजनीति के चर्चित अखाड़ों में शुमार रहे मधेपुरा सीट का चुनाव इस बार भी पहले की तुलना में अधिक चर्चित रहने की संभावना है। इस सीट से शरद  यादव महागठबंधन के उम्मीदवार के रूप में अपनी दावेदारी जता चुके हैं। हालांकि महागठबंधन की ओर से इसकी अधिकृत घोषणा अभी तक नही की गयी है।वहीं एनडीए के उम्मीदवार के रूप में नीतीश सरकार के आपदा मंत्री दिनेश चंद्र यादव की चर्चा काफी जोरों से है। ऐसे में लोगों की उत्सुकता पप्पू यादव को लेकर है कि वो मधेपुरा सीट से किसके उम्मीदवार होंगे?

हालांकि गत दिनों एक टीवी से बातचीत में राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा था कि वो हर हाल में मधेपुरा संसदीय सीट से ही चुनाव  लड़ेंगे। वर्ष 2014 के नरेंद्र मोदी लहर में मधेपुरा से जीतकर सबको चौंकाने वाले पप्पू यादव ने कहा कि वो जनता के आशीर्वाद से आजतक चुनाव जीते हैं और आगे भी जीतते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वो जितना समय संसद में देते हैं उससे अधिक समय जनता के बीच रहते हैं। आमजनों के सुखदुख से लेकर हरेक परिस्थितियों के लिये अपने गांव खुर्दा सहित दिल्ली का आवास खुला रखते हैं। जहां हर कोई बेझिझक आ जा सकते हैं। देश मे ऐसा है कोई सांसद जो अपने संसदीय सीट सहित इलाके के लोगों के लिए इतनी सहज व्यवस्था बनाकर रखा हो।

सांसद पप्पू ने कहा कि मधेपुरा मेरा जन्मभूमि के साथ साथ कर्मभूमि भी है इसलिये इस सीट को छोड़ने का सवाल ही नही उठता है। रही बात  महागठबंधन से टिकट का तो आजतक तेल लगाकर मैने न तो टिकट लेकर चुनाव लड़ा हूं और न ही कभी लरूँगा। एनडीए के ऑफर को भी कभी स्वीकार नहीं करूँगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता सबकुछ देख रही है कि आखिर पप्पू यादव से महागठबंधन सहित एनडीए के बड़े बड़े सुरमा क्यों खार खा रहे हैं। मधेपुरा सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर पप्पू यादव से कहीं अधिक उनके समर्थकों का जोश चरम पर है। तभी तो जन अधिकार पार्टी के समीर पाठक, गणेश यादव, जिबु आलम, प्रभाष यादव, बमबम तिवारी, जितेंद्र भगत, प्रह्लाद कुमार सहित अनेक समर्थकों का दावा है कि मधेपुरा से जीतने के लिये पप्पू यादव नाम ही पर्याप्त है।