शहीद पिंटू सिंह के परिजनों से मिले सांसद पप्पू यादव,दिया एक लाख रूपए की आर्थिक मदद

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शहीद के परिजनों की मदद को फिर आगे आये पप्‍पू यादव

पटना/बेगूसराय: जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय संरक्षक सह मधेपुरा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव एक बार फिर से शहीद के परिजनों की मदद को आगे आये। सांसद ने मंगलवार की देर रात बेगूसराय के मंझौल जाकर जम्‍मू – कश्‍मीर में शहीद पिंटू सिं‍ह के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्‍होंने उनके परिजनों को नकद एक लाख रूपए की आर्थिक मदद की। साथ ही उन्‍होंने शहीद की मासूम बेटी के नाम से एक लाख रूपए फिक्‍स डिपॉजिट कराने की बात कही।

बाद में पत्रकारों से बात करते हुए सांसद ने कहा कि हमारी सेना दुनिया की ताकतवर सेनाओं में से एक है। हमने कोई लड़ाई नहीं हारी है। लेकिन इन लड़ाई में शहीद होने वाले वीर जवानों का परिवार उनकी शहादत के बाद बेबसी और गुमनामी की जिंदगी गुजारने को मजबूर हो जाता है। इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि हमारे देश के शहीदों के परिजनों के लिए स्‍थाई रूप से आर्थिक समाधान निकाला जाय। नौकरी नहीं तो व्‍यापार में के लिए उन्‍हें सरकारी तौर पर संसाधन मुहैया कराया जाय।

पप्‍पू यादव ने भाजपा पर देश के सैनिकों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा के नेताओं वोट के आगे और किसी बात की फिक्र नहीं करते। तभी तो जब शहीद पिंटू सिंह का शव 3 मार्च को पटना एयरपोर्ट पर पहुंचा, तो एनडीए के कोई भी नेता अंतिम दर्शन और नमन को नहीं पहुंचे। जबकि सभी 3 मार्च को पटना में ही थे। स्‍वयं नरेंद्र मोदी भी संकल्‍प रैली को संबोधित करने पटना आए थे। पर मोदी ने भी शहीद पिंटू सिंह के लिए दो शब्‍द नहीं कहे।

उन्‍होंने प्रधानमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि सेना देश की हिफाजत महज चार साल से नहीं कर रहे, बल्कि 70 सालों से सैनिकों ने देश की हिफाजत की है। इन्‍हीं सैनिकों ने चारों लड़ाईयों में देश की रक्षा की और विजय हासिल किया। चाहे जवाहर लाल नेहरू के समय चीन और पाक युद्ध हो, इंदिरा गांधी के वक्‍त बांगलादेश बंटवारे की बात हो या फिर अटल बिहारी वाजपेयी के समय का कारगिल युद्ध। कभी देश की सेना का राजनीतिक इस्‍तेमाल नहीं हुआ, लेकिन नरेंद्र मोदी कुर्सी के लिए यह ओछी हरकत कर रहें। इससे सैन्‍य बलों का मनोबल कम होता है। इसलिए उनसे मेरा आग्रह कि वे सेना पर राजनीति बंद करें।   पप्‍पू यादव ने कहा कि हम मदद करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। कोई इस सिलसिला को रोक नहीं सकता। सेवा ही मेरा धर्म है और दुख में खड़ा होना ही मानवता है। इसलिए मैं और मेरी पार्टी हमेशा जनता की मदद को तत्‍पर है।  राजनीति – बाजनीति बाद की चीजें हैं। आपको बता दें कि इससे पहले भी सांसद ने पुलवामा के दोनों शहीदों को एक – एक लाख रूपये की आर्थिक मदद कर चुके हैं और उनके बच्‍चों की पढ़ाई व शादी के खर्चे का एलान कर चुके हैं।