नाबालिग वाहन चालक से दहशत में हैं लोग, हुई कई दुर्घटनाएं

हरलाखी से मनोज कुमार झा की रिपोर्ट

ग्रामीण इलाके में 90 फीसदी ट्रेक्टर चालक हैं गैरलाइसेंसी कई लोगों की गई है।

थाना क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में इनदिनों नाबालिग वाहन चालकों की होर मची हुई है। 10 से 18 वर्ष के बच्चे आयेदिन बाइक व अन्य वाहन से स्टंड करते हुए देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण एरिये में 90 फीसदी नाबालिग व नौजवान बिना लाइसेंस के छह चक्के वाली ट्रेक्टर गारी चलाते सरेआम देखे जा सकते है। जिसका परिणाम ये है की पिछले एक वर्ष में नाबालिग बाहन चालको के चपेट में कई लोगों की मौत हो गई व दर्जनों लोग जख्मी हो गए। बताते चलें की पिछले एक वर्ष में नाबालिग ट्रेक्टर चालक के चपेट में आने से उमगांव में एक 9 वर्षीय लड़की, मनोहरपुर गांव में एक अधेड़ महिला, सोनई गांव में एक नाबालिक ट्रेक्टर चालक की मौत हुई व झिटकी गांव में एक 6 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। वहीं नाबालिग बाइक चालक की चपेट में आने से दर्जनों लोग जख्मी हुए हैं। बावजूद नाबालिक वाहन चालक के द्वारा गारी चलाने पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन व परिवहन विभाग के द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। एमएसयु के राष्ट्रीय प्रधान सचिव राघवेन्द्र रमन व युवा नेता प्रजापति झा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 90 से अधिक फीसदी ट्रेक्टर व टेम्पो चालक नाबालिग व बिना लाइसेंस के हैं। जिससे ग्रामीण एरिये में कई दुर्घटना हुई और आपसी सहमति से रफा दफा कर दिया गया। नाबालिग चालको के प्रति पुलिस प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण इन्होंने वरीय पुलिस अधिकारी से नाबालिग चालक के द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने की मांग की है।
क्या कहते है अधिकारी: इस बावत पुलिस अधीक्षक दीपक वर्णवाल ने बताया कि नाबालिग चालक के द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की जायेगी।