सफलता के लिए सपने देखना जरूरी- बैद्यनाथी

 

 

सुदेश मिश्रा की रिपोर्ट

यूजीसी नेट में सफल होकर बैद्यनाथी ने किया इलाके को गौरवान्वित
अंधराठाढ़ी (मधुबनी) संस : अगर दिल मे सफलता का जुनून हो तो मुश्किलें किसी का रास्ता नही रोक सकती। बस जरूरी है कि इंसान अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित और एकाग्रचित्त रहे। प्रतिष्ठित यूजीसी नेट की परीक्षा में सफल होकर इसको सच कर दिखाया है महादलित समुदाय और ग्रामीण परिवेश से आने वाले बैद्यनाथी राम ने। बिना किसी बाहरी मदद के श्री राम की सफलता कई मायनों में अलग है। प्रखंड के एक छोटे से गांव के बिल्कुल निर्धन और किसान श्रमिक परिवार से आने वाले बैद्यनाथी राम ने नेट की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपने साथ साथ इलाके का नाम रौशन किया है। बैद्यनाथी राम फिलहाल पंचायत शिक्षक के पद पर प्राथमिक विद्यालय ठठरी में कार्यरत हैं।
प्रारंभिक शिक्षा – बैद्यनाथी का परिबार निहायत ही गरीब और शिक्षा के माहौल से काफी दूर था। बैद्यनाथी जिस समुदाय और परिवेश से आते हैं वहां आज भी उच्च शिक्षा किसी सपने से कम नही। मगर राह की बाधाएं बैद्यनाथी का रास्ता नही रोक सकी। गांव के ही सरकारी प्राथमिक स्कूल से इनकी शिक्षा दीक्षा प्रारम्भ हुई थी। धीरे धीरे अपने दम पर ही इग्नू से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। बाद में इनका नियोजित शिक्षक के रूप में चयन हो गया। मगर उच्च शिक्षा की ललक फिर भी बरकरार रही। इग्नू से ही परास्नातक की डिग्री प्राप्त कर इन्होंने नेट के लिए क्वालीफाई किया।
प्रखंड के रुद्रपुर थाना के भगवतीपुर गांव के वार्ड नं चार के निवासी अच्छे लाल राम और शांति देवी के बड़े पुत्र बैद्यनाथी राम की सफलता से उनके गांव में हर्ष का माहौल है। साथी शिक्षकों ने भी इनकी सफलता को संघर्ष और सपने की जीत कहा है। श्री राम की पारिवारिक पृष्ठभूमि किसान श्रमिक की रही है। साहित्य विधा के प्रति समर्पित बैद्यनाथी अपनी सफलता का श्रेय मातापिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के आशीष और साथियों के स्नेह विश्वास को देते हैं। वो कहते हैं उनकी सफलता हर उस इंसान की सफलता है जो सपने देखता है और खुद पे भरोषा करता है।