कलेक्ट्रेट में खुला ईवीएम वीवीपैट जागरूकता केंद्र

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आम वोटर भी परखेंगे ईवीएम से वोटिंग की विश्वसनीयता

डीएम ने कहा कि ईवीएम से वोट देने के बाद प्रत्याशी का नाम लिखा व चुनाव चिह्न वीवीपैट के डिस्प्ले स्क्रीन पर 7 सेकेंड तक दिखाई देगा, जिसे देखकर मतदाता आश्वस्त हो सकेंगे। इसके प्रयोग से चुनाव में और अधिक पारदर्शिता आएगी तथा भारत निर्वाचन आयोग के प्रति आमजनों का विश्वास बढ़ेगा।
सहरसा :  राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ-साथ अब वोटर भी ईवीएम से वोटिंग की विश्वसनीयता परख सकते हैं। कलेक्ट्रेट में स्थापित ईवीएम वीवीपैट(वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) स्टॉल (जागरूकता केंद्र) में पहुंचकर आगामी लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया से अवगत हो सकेंगे। विशेष तौर पर वीवीपैट मशीन के प्रयोग के बारे में जानेंगे। इसी के मद्देनजर आज जिला पदाधिकारी शैलजा शर्मा ने समाहरणालय परिसर मे ई.वी.एम.,वी.वी.पैट के स्थायी स्टॉल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी सोहैल अहमद भी उपस्थित थे।उद्घाटन के बाद डी.एम ने कहा कि ई.वी.एम.
मशीन को बाहर से हैक नहीं किया जा सकता है। यह टेम्पर प्रूफ है। मतदाता  किसी संशय के अगामी लोक सभा चुनाव में इसका प्रयोग करें। वी.वी.पैट मशीन में लगे स्क्रीन पर हर मतदाता देख पाएंगे कि जिस उम्मीदवार के पक्ष में उन्होंने मतदान किया है, उसी उम्मीदवार के पक्ष में वास्तव में मतदान हुआ है। हर मतदान केंद्र पर वी.वी.पैट मशीन के साथ ही ई.वी.एम. लगाया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए इस बार भारत निर्वाचन आयोग विशेष सुविधा की व्यवस्था कर रहा है। आशा है कि सभी दिव्यांग मतदाता इसका लाभ उठायेंगे और मतदान अवश्य करेंगे।डी.एम. ने कहा कि ई.वी.एम.-वी.वी.पैट मशीन का प्रदर्शन पूरे जिले में कराया जाएगा ताकि किसी मतदाता के मन में कोई संशय नहीं रहे।
उप निर्वाचन पदाधिकारी सोहैल अहमद ने बताया कि समाहरणालय परिसर का यह स्टॉल लोक सभा चुनाव तक कार्यरत रहेगा तथा कोई भी व्यक्ति स्टॉल में आकर ई.वी.एम.व-वी.वी.पैट कार्य प्रणाली को देख सकते हैं। मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया के तहत ईवीएम वीवीपैट से वोटिंग के संदर्भ में जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है ताकि कोई मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो।