मधुबनी – सिमरी एवं कुछ अन्य पंचायतों में’ अनुसूचित जाति के हस्तशिल्प कलाकारों को दिया जायेगा प्रशिक्षण

अनुसूचित जाति के हस्तशिल्प कलाकारों को दिया जायेगा प्रशिक्षण
मधुबनी: भारत सरकार,वस्त्र मंत्रालय के निदेश के आलोक में बांस,सिक्की एवं मिथिला पेंटिंग शिल्प के अनुसूचित जाति कलाकारों के सामाजिक एवं आर्थिक स्थायित्व,आय एवं जीवन स्तर के विकास एवं स्वरोजगार के संबर्द्धन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षकों एवं अनुसूचित जाति के प्रशिक्षणार्थियों का चयन किया जाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बेनीपट्टी,बेहट(झंझारपुर),अरड़िया संग्राम, चौरा महरैल(चनौरागंज,झंझारपुर) तथा राजनगर प्रखंड के सिमरी में किया जाना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चार माह तक चलेगा। जिसमें बेनीपट्टी में तथा बेहट(झंझारपुर) तथा अरड़िया संग्राम में बांस संबंधी उत्पादों का प्रशिक्षण एवं चौरा महरैल(चनौरागंज,झंझारपुर) में सिक्की कला तथा सिमरी(राजनगर) में मिथिला पेंटिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जायेगा।
मधुबनी जिला के उक्त विधा के इच्छुक प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण हेतु 18-40 वर्ष के अनुसूचित जाति के महिला/पुरूष अपना आवेदन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कार्यालय,मधुबनी में जमा कर सकते है। प्रशिक्षण हेतु कलाकारों को आवेदन के साथ भारत सरकार के हस्तशिल्प विभाग द्वारा निर्गत शिल्प पहचान पत्र भी जमा करना आवश्यक होगा। प्रशिक्षण हेतु कलाकार दिनांक 12.12.2018 तक अपना आवेदन जमा कर सकते है। इस आशय की सूचना मधुबनी जिला के वेवसाईट पर भी प्रदर्शित की गयी है। प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण स्थल के आस-पास के स्थानीय शिल्पियों को प्राथमिकता दी जायेगी। प्रत्येक प्रशिक्षण स्थल पर 20 कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।