रंगमंच के रास्ते बॉलीवुड पहुंचे श्रीराम,डेथ ऑन संडे में निभाएंगे विलेन का रोल

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श्रीराम ने बताया कि करीब तीन साल रंगमंच करने के बाद इस फ़िल्म में काम करने का मौका मिला …

सहरसा :सच्ची लगन और कुछ करने की चाह हो तो किसी भी मुकाम का पाया जा सकता है। इसे सच कर दिखाया सहरसा जिले के पंचवटी चौक निवासी श्रीराम यादव ने। एक साधारण से परिवार में पैदा हुए श्रीराम रंगमंच से संघर्ष करते करते बहुत कम समय मे आने वाली हिंदी सिनेमा में दस्तक दे दी। काफी समय संघर्ष के बाद संजय मिश्रा की आने वाली फिल्म डेथ ऑन संडे में विलेन का रोल में फिल्मी पर्दे पर नजर आएंगे श्रीराम। स्टैंड किरानी दिलीप यादव एवं घरेलू महिला अंजना देवी के पुत्र श्रीराम को बचपन से ही सिरियल और फिल्मों में काम करने का शौक था। 10वीं की परीक्षा में उतीर्ण होने के बाद श्रीराम पटना जा कर थियेटर जॉइन कर लिया। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण उसे वापस सहरसा आना पड़ा। पुनः 12वीं में नामांकन कराया लेकिन उसके मन से थिएटर निकल नहीं रहा था। मौका मिलते ही अपने एक मित्र के साथ पटना चला गया। ग्रेजुएशन की पढ़ाई जारी रखते हुए वहाँ जा कर दोस्त के यहाँ ही रहकर एक विशवा नाम के संस्था से जुड़ गया। संस्था के निर्देशक राजेश राणा से अभिनय का गुर सीखने लगा। इसी दौरान उनके निर्देशन में तीसरी कसम, बेवा, कुतुबपुर के भिखारी ठाकुर, जननवा, घर जा रे अपना आदि विभिन्न नाटकों में भूमिका अदा कर अनेकों रंगमंच पर अपनी पहचान स्थापित की। एक खास बात कि डेथ ऑन संडे फ़िल्म में कलाकारों का चयन ऑडिसन से किया गया है। इसमें चयनित सभी कलाकार थियेटर से हैं और सभी बिहार से ही है। हमसे खास बातचीत में श्रीराम ने हमें बताया कि वो वर्ष 2015 से ही इस क्षेत्र में हैं। श्रीराम की दिलचस्पी इसी क्षेत्र में और अब वो क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान स्थापित करना चाहते हैं। इधर खबर मिलते ही श्रीराम के घरवाले एवं उसके चाहनेवाले में खुशी का माहौल है।