727 बच्चे में से मात्र 48 बच्चे मध्य विद्यालय जमैला उर्दू में उपस्थित थे

मधुबनी से मोo आलम अंसारी की रिपोर्ट

अंधराठाढ़ी। सरकारी विद्यालयों में समुचित वर्गकक्ष, छात्र छात्राओं के अनुपात में तैनात शिक्षक, बैठने की समुचित व्यवस्था, अंडा फल युक्त एमडीएम, छात्र वृति, पोसाक, पुस्तक आदि की व्यवस्था रहने के बाबजूद दिन प्रतिदिन बच्चो की गिरती उपस्थिति चिंता की विषय है। इस पर शासन प्रशासन एवं समाज के प्रबुद्ध लोगो को चिंतन करने की जरूरत है।
सोमवार को संवाददाता ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय जमैला उर्दू की पड़ताल की। मात्र 48 छात्र छात्राए उपस्थित मिले। इसमे कुल 727 नामांकित बच्चे है। कुल 12 शिक्षक पदस्थापित में 9 शिक्षक उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक मो शहाबुद्दीन ने पूछने पर बताया कि अपने स्तर से लगातार अभिभावकों के साथ बैठक की परन्तु उपस्थिति हमेशा चिन्ताजन रहती है। वैसे आज कम उपस्थिति के मुद्दे पर उसने खेती गृहस्ती के कारण बच्चों द्वारा माता पिता के खेती में हाथ बटाने को लेकर कम बच्चे उपस्थित है।


ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों की उपस्थिति भले ही कम हो एमडीएम के कारण पंजियों में 70 फीसदी छात्र छात्राओं की उपस्थिति संधारित की जाती है। बहरहाल जो भी हो यह जांच का विषय है।
पहली और दूसरी वर्ग कक्ष में 25, तीसरी और चौथी में 15 , पांचवी और छठ्ठी में रूम में ताला लगा हुआ था।तो सातवीं और आठवी वर्ग में मात्र 8 बच्चे उपस्थित थे। कुल 48 बच्चे ही उपस्थित दिखे। यह हाल करीव 12 बजे दिन का था। उर्दू यूनिट की विद्यालय रहने के कारण यहां रविवार एमडीएम में अंडा दिया जाता है। बचे हुए अंडा को लेकर पिछली रविबार को शिक्षको और प्रधानाध्यापक के बीच बहस बहसी भी हुई थी। शिक्षा समिति के सदस्य मोo सेराज एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्यालय की पठन पाठन दुरुस्तकरने की जरूरत है । इस संवंध में बीडीओ सह सचिव प्रखंड शिक्षक नियोजन समिति राजेश्वर राम ने पूछने पर बताया कि राज्य स्तर पर विद्यालयों के जांच के लिए निगरानी समिति गठित है। उन्हें शिकायत मिली हैउन्होंने अपने स्तर से भी जांच कर समुचित करवाई की बात कही।