BNMU में पहली बार शारीरिक शिक्षा पर कार्यशाला आयोजित

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ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित

सहरसा: ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज सहरसा के बहुउदेशीय कक्ष में शारीरिक शिक्षा बिभाग द्वारा ” शिक्षक प्रशिक्षण में शारीरिक शिक्षा की भूमिका ” पर कार्यशाला शनिवार को आयोजित की गयी।

कार्यशाला का उद्घाटन BNMU के क्रीड़ा परिषद् के सचिव प्रो डॉ अबुल फज़ल , मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार , SNSRKS कॉलेज के प्राचार्य डॉ के एस ओझा , RMM लॉ कॉलेज के प्राचार्य मुकेश कुमार सिंह , MLT कॉलेज के खेल अनुदेशक चंद्रशेखर अधिकारी , ईस्ट एन वेस्ट के चेयरमैन डॉ रजनीश रंजन एवं महाविद्यालय की निदेशिका सह सीनेट सदस्या  मनीषा रंजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित किया |

क्रीड़ा सचिव डॉ अबुल फज़ल ने कहा की बदलाव की चिंगारी हमेसा छोटी होती है | उन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षा एवं महाविद्यालय के संरक्षक को साधुवाद देते हुए कहा की विश्वविद्यालय के स्थापनाकाल से आजतक जो विषय हासिये पे था आज आपलोगो ने उसे मुख्य धारा में जोड़ने का एक प्रयास किया है | हमे विस्वास है की जिस प्रकार आपने पिछले सीनेट की बैठक में फिजिकल ट्रेनिंग कॉलेज खोलने हेतु जो आवाज उठाई है हम सभी आपके मुहीम में साथ हैं |मधेपुरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार ने कहा की bnmu के इतिहास में पहली बार शारीरिक शिक्षा पर कार्यशाला आयोजित कर महाविद्यालय के प्रमुख द्वय ने साबित कर दिया की सामाजिक परिवर्तन के लिए संसथान संवेदन शील है |

MLT कॉलेज के खेल अनुदेशक चंद्रशेखर अधिकारी ने कहा को मेरे 36 वर्षो के कार्यकाल में मैं पहलीवार शारीरिक शिक्षा बिषय के कार्यशाला में भाग ले रहा हूँ | उन्होंने विषय के व्यापकता एवं वैज्ञानिक पहलू पर विचार रकते हुए कहा की शारीरिक शिक्षा विज्ञानं एवं कला दोनों है |प्राचार्य के एस ओझा ने कहा की आगाज ही अनजाम को बताता है , यह कार्यशाला एक छोटा दीपक जरूर है परन्तु हमे बदलाव की किरण नजर आ रही है |

प्राचार्य मुकेश कुमार सिंह ने कहा की जब तकशारीरिक महाविद्यालय नहीं खुलेगा तब तक शारीरिक शिक्षा के उत्थान की बात बेईमानी होगी ।

चेयरमैन डॉ रजनीश रंजन ने शारीरिक शिक्षा बिषय के भारत में सफरनामा पर प्रकाश डालते हुए कहा की जब तक पढ़ाई के मुख्य धारा में शारीरिक शिक्षा बिषय को अनिवार्य नहीं किया जायेगा तब तक बदलाव असंभव है | उन्होंने बी एड पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा बिषय को बिकल्प से संकल्प में लाने की सलाह दी |

कार्यक्रम की अध्यक्षा सह सीनेट सदस्या मनीषा रंजन ने कहा की देश 200 वर्षो में गुलामी से आजादी पा ली पर 200 वर्षो में हमने अपने राज्य में एक सरकारी फिजिकल ट्रेनिंग कॉलेज नहीं खोल पाए | उन्होंने कहा की खेल विद्यालयी शिक्षा का समावेशी अंग है किताबो के साथ साथ मैदान तक पहुंचने की आजादी बच्चो को मिलनी चाहिए. तब ही हमारे कोशी से सचिन व भीमादास सरीखे खिलाडी पैदा हो सकेगा |
विश्वविद्यालय क्षेत्राधीन सभी महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा के अधिकारी समेत ईस्ट एन वेस्ट के सभी प्राध्यापक ने अपनी वात रखते हुए कहा की स्वथ्य तन में ही स्वस्थ्य मन का विकाश होता है |

इस अवसर के कॉलेज के शिक्षक,छात्र,छात्राएं सहित कर्मी मौजूद रहे ।