सांख्यिकी दिवस पर याद किए गए प्रो० महालनोविस

Kunal Kishor
kunal@koshixpress.com
132
प्रो० महालनोविस को भारतीय सांख्यिकी का जनक कहा जाता है
सहरसा:  प्रख्यात सांख्यिकीविद् स्व० प्रो० प्रशान्त चन्द्र महालनोविस के जन्म दिन के अवसर पर जिला सांख्यिकी कार्यालय में ‘‘सांख्यिकी दिवस’’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी भुवनेश्वर प्रसाद ने महान सांख्यिकीविद् प्रो० महालनोविस के चित्र पर माल्यार्पन किया । इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों के द्वारा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें याद किया।
प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने कहा कि उनकी ‘‘12वीं सांख्यिकी दिवस’’ है और आज का विषय “Quality Assurance In Official” विषय है। प्रभारी सांख्यकी पदाधिकारी ने कहा की आज के समय में सांख्यिकी का महत्त्व अधिक है तथा हर क्षेत्र में इसका व्यवहार व्यापक हो गया है। सांख्यिकी एक आधुनिक विज्ञान है तथा इसका प्रयोग हर क्षेत्र में किया जा रहा है। सांख्यिकी के आँकड़ों के संग्रहण, टेबुलेशन, विश्लेषण एवं प्रदर्शन आदि कार्यां में शुद्धता का होना आवश्यक है, क्योंकि सही आँकड़ों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष परिणाम के निकट पहुँचा जा सकता है। आज के समय में प्रशासनिक क्षेत्रो में भी सांख्यिकी का प्रयोग लाभदायक साबित हो रहा है। देश, राज्य एवं समाज के विकास में सांख्यिकी का प्रयोग लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी भुवनेश्वर प्रसाद ने बताया कि प्रो० महालनोविस को भारतीय सांख्यिकी का जनक कहा जाता है। द्वितीय पंचवर्षीय योजना का मॉडल उनके द्वारा तैयार किया गया था। राष्ट्रीय महत्त्व के भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता एवं केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय, नई दिल्ली के स्थापना में उनके अहम योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। वे भारत सरकार के विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवा दे चुके हैं।
प्रो० महालनोविस का वृहद नमूना सर्वेक्षण (Large Sample Survey) के क्षेत्र में अतिविशिष्ट योगदान के संबंध में भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर उप निदेशक (सांख्यिकी)सत्यप्रकाश पासवान,कनीय क्षेत्रीय अन्वेषक रामलखन कामत,मृणाल कान्त चन्दा एवं पंकज कुमार मिश्रा,प्रखण्ड सांख्यिकी पर्यवेक्षक, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक के साथ-साथ कार्यालय के सभी कर्मी उपस्थित थे।