NEET 2018 में प्रगति क्लासेज के ज्यादातर स्टूडेंट्स ने मारी बाजी !

Kunal Kishor
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3 साल पहले संस्थान की शुरुआत
सहरसा : मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुप्रतिक्षित नीट का रिजल्ट सोमवार को जारी कर दिया गया. रिजल्ट में मिली सफलता को लेकर प्रगति क्लासेज के छात्र काफी खुश दिखे। वे सब एक-दूसरे को सफलता की बधाई दी. मिठाइयां खिलायीं. शिक्षकों ने भी सफल छात्रों को बधाई दी और अच्छे करियर की मंगलकामना की.
कोशी प्रमंडलीय मुख्यालय सहरसा के कहरा ब्लॉक रॉड में चल रहे प्रगति क्लासेज ने फिर साबित किया कि छोटे शहरों में भी अगर सही ढ़ंग से पढ़ाई की व्यवस्था हो तो मेडिकल जैसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलना आसान है। कोशी जैसे पिछड़े क्षेत्र में प्रगति क्लासेज ने एक मजबूत टीम के द्वारा 3 साल पहले संस्थान की शुरुआत की गई थी।
संस्थान के संस्थापक नंदन कुमार ने कहा की हमलोगो ने जो सपना इस पिछड़े क्षेत्र के लिए देखा वो हमारे शिक्षकों के टीम के द्वारा कड़ी मेहनत एवं बच्चों के द्वारा की गयी परिश्रम सफल हुई। उनका मेहनत मिलकर रंग लाया।
संस्थान के निदेशक डाॅ० चंदन कुमार ने कहा कि यह हमलोगो द्वारा पिछले 3 सालों के कड़ी मेहनत और संघर्ष के कारण संभव हो पाया है, हमे इस परिणाम को देने में तीन  वर्ष इसलिए लग गया कि पहले अच्छे बच्चे यहाॅ नहीं आ पाते थे फिर भी जिस तरह का बच्चा आया हमलोगो ने उसी के ऊपर मेहनत कर उसके प्रतिभा को तराशने का काम किया। 

नीट में सफल छात्रा ज्योति कुमारी ने कहा कि ग्रामीण परिवेश के कारण हमारे माता-पिता बाहर भेजने के इच्छुक नही थे उस स्थिति में प्रगति क्लासेज में ही छोटे मन से पढ़ाई शुरु किया तथा कुछ ही दिनो में यहाॅ के गुरुजनों के द्वारा किये गए मेहनत एवं हमारे परिश्रम से हमारी नींव मजबूत हुई और हम आत्मविष्वास से लबालब हो अपने लक्ष्य की और बढ़ चले और हमारा चयन हो गया है और मेरा सपना है की डाॅक्टर बन मैं समाज की सेवा करुॅ।

वही सफल छात्र शुभम ने कहा मैं दशवीं के परीक्षा के बाद अपनी तैयारी करने के लिए प्रगति क्लासेज में क्लाश लेना शुरु किया और आज मेरा चयन मेडिकल में हो गया है। इसका पुरा श्रेय मैं प्रगति क्लासेज के सभी शिक्षकों के साथ-साथ अपने माता-पिता को देना चाहता हूॅ।

वही सफल छात्र स्मित प्रतीक कायस्थ टोला निवासी ने कहा कि शुरुआत के दिनो में बहुत सारे लोगो ने हमें दिगभ्रमित करने का प्रयास किया कि सहरसा से तुम्हारा मेडिकल में रिज्ल्ट नहीं हो सकता लेकिन हमने यहाॅ के षिक्षको के मार्गदर्षन और आत्मविष्वास के साथ तैयारी जारी रखी और हमारा चयन मेडिकल में हुआ। 
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट(नीट) में प्रगति क्लासेज के सफल छात्र 
ज्योति ठाकुर, पिता-संतोष कुमार ठाकुर (शिक्षक)  ग्राम- चैनपुर सहरसा AIR  RANK -5459
 शुभम कुमार, पिता-राजेश कुमार (बिहार पुलिस) ग्राम-कुमेदान टोला सहरसा AIR  RANK -7304
 स्मित प्रतिक, पिता-अनिल कुमार साह (LIC  एजेंट) ग्राम-सुहथ सौरबाजार AIR  RANK -13155
 कौशल कुमार, पिता-दीपनारायण यादव (किसान) ग्राम-घोघनपट्टी, सहरसा AIR RANK -23179
मोहन कुमार, पिता-अनिरुद्ध भगत (किसान) ग्राम-हरदी चौघारा जिला-सुपौल  AIR RANK -35013
ज्योति कुमारी, पिता-पवन कुमार चौधरी,   ग्राम-बिना बभनगामा, जिला- सुपौल AIR RANK -38376
इनके अलावे अन्य 7-8 विद्यार्थी  भी  सफल हुए हैं जिन्हे वेटरनरी एवं दन्त चिकित्सा (BDS ) में दाखिला मिलने की संभावना है तथा इन्हे देश के उच्च कोटि के निजी चिकित्सा महाविद्यालय में MBBS कोर्स में भी दाखिला मिल सकती है