आम लोग प्राइवेट क्लिनिक और स्कूल के शोषण के शिकार हो रहे है

दिनेश सिंह
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अंधराठाढ़ी मधुबनी से मोo आलम अंसारी की रिपोर्ट

अंधराठाढ़ी।प्रखंड में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।आम लोग प्राइवेट क्लिनिक और स्कूल के शोषण के शिकार हो रहे है। उक्त वाते कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पवन यादव ने पार्टी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि रेफरल सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दर्जन चिकित्सक कार्यरत है। प्रति दिन एक चिकित्सक ही आउट डोर इमरजेंसी चलते है यानि महीने में एक चिकित्सक को तीन दिन बैठना पड़ता है और तीस दिनों का तनखाह पाते है। अस्पताल में मामूली सी मामूली दवा नही मिलती है । रेफरल अस्पताल का मतलव डीएमसीएच रेफर सेंटर।एवज में यहाँ के लोग मजबूर हो कर निजी क्लिनिक का सहारा लेते है । जिसमे मामूली सी बीमारी में एक हजार रुपये से दो हजार रुपये तक की दवा। एवं मनमाने तरीके से जांच कराए जाते है। पूरे प्रखंड में विना पैथो के डिग्री के ही क्लिनिक चला रहे है। दिल्ली एम्स हॉस्पिटल में एक जांच का 100पुपये  लगता है । यहां के प्राइवेट क्लीनिक में एक जांच का 5 सौ से 15 सौ तक लिया जाता है । अस्पताल में चिकित्सको को नियमित बैठे ।इसकी कवायत तेज हो ।डॉ बनने का उदेश्य अब समाज सेवा से अधिक धन अर्जित करना रह गया है । संस्कृत विद्यालयों में शिक्षक भलेही नियमित विद्यालय आते हो छात्र छात्रा नदारत रहती। इससे हमारी देव भाषा कहे जानेवाली संस्कृत शिक्षा मिटने के कगार पर आचुका है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की सुदृढ़ीकरण के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी 2 मइ से आंदोलन करेगी।सभी बिभाग के चिकित्सक रहने के बाबजूद ओर्थो सिजेरियन तथा सर्जरी आदि का कम नही होता है . उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि यहाँ पदस्थापित अधिकाश चिकित्सको के निजी क्लिनिक हैं.चिकित्सको के आभाव में यहाँ अराजकता की स्थिति बनी रहती है . ग्रामीण क्षेत्र में यह अस्पताल अवस्थित रहने के  कारण प्रतिदिन काफी संख्या में रोगी यहाँ पहुचते है .अस्पताल में एक ही चिकित्सक के सहारे आउट डोर और इमरजेंसी चलते है . रोगी को बगैर बिना जाँच परताल के ही दावा लिख दिया जाता है . फ़िलहाल यहाँ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमरनाथ झा खुद फरार रहने बाले चिकित्सक है। इसी अस्पताल में उनके गलत रबैये के कारण प्रपत्र क गठन करायी गयी थी। पुनः डॉ अमरनाथ झा को प्रभारी बनना विभागीय लिपा पोती है। बहुत चिकित्सक दरभंगा से आते जाते है . इस सम्बन्ध में पवन कुमार यादव ने पूछने पर बताया की नियमित अस्पताल में रहने वावत जिला पदाधिकारी ,सिविल सर्जन मधुबनी अनुमंडल पदाधिकारी सह अध्यक्ष रोगी कल्याण समिति तथा प्रधान सचिव स्वा परिवार कल्याण निदेशक पटना से मिलकर अपना अभ्यावेदन दिया है .