निजी विद्यालयों के संचालकों द्वारा अभिभावकों से लूटने का दौर शुरू 

निजी विद्यालयों के संचालकों द्वारा अभिभावकों से लूटने का दौर शुरू 

गया बिहार से राजेश कुमार

वजीरगंज (गया )वजीरगंज प्रखंड के निजी एवं सरकारी Uविद्यालयोंमॆं  वार्षिक परीक्षा के  बाद नये सत्र की पढाई अब प्रारम्भ हो चुकी है ।नये सत्र की पढाई के साथ ही निजी विद्यालयों के संचालकों द्वारा अभिभावकों का किताब ,ड्रेस व अन्य वार्षिक  फीस के नाम पर लूटने का दौर भी शुरू हो गया है ,लेकिन सरकार द्वारा इन लुटेरे स्कूल संचालकों पर कोई कारवाई नही किये जाने से इनका मनोबल दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और लुटेरे संचालक बेखौफ राम नाम की लूट की गंगा मॆं गोते लगाने मॆं व्यस्त हैं ।

   वजीरगंज प्रखंड के शहरी और देहाती क्षेत्रों मॆं 200 से भी अधिक निजी विद्यालय कुकुरमुत्ते की तरह खुले हुए हैं ,लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नाम पर सिर्फ़ अभिभावकों को लूटने मॆं लगे हैं ।वजीरगंज प्रखंड मॆं सिर्फ़ तीन निजी विद्यालय को  ही सीबीएसई से मान्यता मिल पाई है ,बाकी सभी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित है ।कुछ विद्यालय तो  सर्व शिक्षा अभियान से कोड लेकर सरकारी मान्यता प्राप्त भी लूट की गंगा मॆं गोते लगा रहे हैं ।

  इन निजी विद्यालयों के संचालकों के द्वारा अलग अलग  प्रकाशन की जो किताबे चलाई जा रही है उसकी कीमत चार गुणा से भी ज्यादा होता है ,जिसका बोझ अभिभावकों पर है, जबकि स्कूल संचालकों ,बुक स्टॉल के दुकानदारों एवंकिताब  प्रकाशन वालो की चाँदी है ।

  सरकारी विद्यालयों मॆं वर्ग एक से आठ तक की शिक्षा बिल्कुल मुफ्त है ।यहाँ पढ़ने वाले बच्चों को सभी प्रकार की सुविधा जैसे पाठ्य पुस्तक ,पोशाक ,

छात्रवृति सहित मध्याह्न भोजन भी दिया जा रहा है ।लेकिन बच्चों के अभिभावक भी सरकारी विद्यालयों मॆं अपने बच्चों को पढाने नही भेजते ।

इसी का फायदा उठाकर निजी विद्यालय अपना अपना दुकान बेखौफ चलाकर बच्चों के अभिभावकों को लूट रहे हैं ।

  वजीरगंज प्रखंड के प्रबुद्ध नागरिक सह वजीरगंज प्रखंड यूवा बुद्धिजीवी संघ के सदस्य केदार प्रसाद कुमुद ,धर्मेंद्र कुमार सेठ ,मनोज कुमार सेठ ,मनीष कुमार ,शैलेन्द्र कुमार आदि लोगों ने सभी निजी विद्यालयों मॆं एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य रूप से चलाने एवं मंहगी प्रकाशन की किताबें बँद करवाने एवं मंहगी प्रकाशन की किताबें चलाने वाले निजी विद्यालयों पर कठोर कारवाई करवाने की माँग सरकार से की है।