VIDEO देश का पहला इलेक्ट्रिक इंजन का हुआ ट्रायल,क्या है खास !

Kunal Kishor
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 कई दिनों तक परीक्षण भी किया गया । आखिरकार नियत समय 26 फरबरी को इसका सफल परीक्षण (30KM) पर फैक्ट्री क्षेत्र के रेल ट्रैक पर किया गया।

सहरसा डेस्क : मधेपुरा में भारतीय रेल के डायनामिक टेस्ट ट्रैक पर 30 किलोमीटर की रफ्तार से पूर्णत: वातानुकूलित पहला इलेक्ट्रिक इंजन सोमवार को दौड़ी। भारतीय रेल व एल्सटॉम के अधिकारियों की मौजूदगी में एक किलोमीटर में बनी ट्रैक पर दस बार इंजन को आगे-पीछे चलाकर इसका ट्रायल किया गया।

ट्रायल आरडीएसओ लखनऊ के डायरेक्टर सुरेश कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी(सीएओ) राजीव कुमार गुप्ता, डिप्टी चीफ इंजीनियर कृष्ण कुमार भार्गव, डिप्टी सीई लोको संजय कुमार की मौजूदगी में हुआ। ट्रायल के दौरान उनके साथ एल्सटॉम के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर जगमोहन अरोड़ा, इंजीनियर राजेश कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर सहरसा सुनील कुमार भी मौजूद थे।

ट्रायल सफल होने के बाद सीएओ, डिप्टी चीफ इंजीनियर सहित कई अधिकारी शाम में पटना लौट गए। मधेपुरा रेल कारखाना के डिप्टी चीफ इंजीनियर कृष्ण कुमार भार्गव ने कहा कि एल्सटॉम से पूर्णत: वातानुकूलित (एसी) पहला इलेक्ट्रिक इंजन के ट्रायल के लिए सोमवार को क्लियरेंस दिया गया। फ्रांस की एल्सटॉम कंपनी ने भारतीय रेल को ट्रायल पर इंजन चलाने के लिए क्लियरेंस संबंधी कागजात सौंप दिया है। डिप्टी चीफ इंजीनियर ने कहा कि ट्रायल पर इस इंजन को 50 हजार किलोमीटर तक चलाया जाएगा।

120 किमी की रफ्तार से चलेगा इंजन
पहले 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाल विद्युत इंजन ही हिन्दुस्तान में थी। अब मधेपुरा रेल कारखाना में तैयार विद्युत इंजन देश का पहला इंजन होगा जो सबसे तेज गति 120 किमी की रफ्तार से मालगाड़ी में लगकर चलेगा। वहीं पहले 6 हजार हार्स पावर वाला विद्युत इंजन ही देश में था, अब 12 हजार हॉर्स पावर वाला इलेक्ट्रिक इंजन अपने देश में उपलब्ध हो गया है। पहला विद्युत इंजन तय समय से पहले फरवरी महीने में तैयार हो गया। मधेपुरा रेल कारखाना में तैयार पहला विद्युत इंजन पूर्णत: वातानुकूलित है। इसके अंदर शौचालय सहित तमाम नवीनतम सुविधाएं हैं।

श्रोत न्यूज़ : हिंदुस्तान