अनुमंडल क्षेत्र में फायर सेफ्टी की उड़ाई जा रही धज्जियां

296

अगर समय पर नही बुझती रूपम वस्त्रालय की आग तो बर्वाद हो जाता मुख्य बाजार

अधिकांश प्रतिष्ठान व मकान में नही लगा है अग्निशमन यंत्र

सिमरी बख्तियारपुर(सहरसा) से ब्रजेश भारती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट :-

नगर पंचायत सिमरी बख्तियारपुर के मुख्य बाजार में गुरूवार को लगी भयंकर आग ने एक बड़ा सवाल उत्पन्न कर दिया है कि इस अनुमंडल क्षेत्र में क्या फायर सेफ्टी नियम का पालन हो रहा हैं।

जबाब एक लाईन में मिलेगा नही !

मुख्यबाजार स्थित रूपम वस्त्रालय में लगी आग के कारणों का सटीक कारण अभी भी अउत्तरित है।अगर गुरूवार को लगी आग पर स्थानिय लोगो की तत्परता व अग्निशामक दोनो दमकलों का समय पर पहुंचना साथ नही होता तो शायद यह आज सिमरी बख्तियारपुर मुख्य बाजार को इस कदर बर्वाद कर देती जिसकी भरपायी शायद असंभव होती।

प्रतिष्ठानों व मकानों में नही होता नियम पालन –

अनुमंडल क्षेत्र के अधिकांश मकानों व दुकानों में अग्निशामन यंत्र नही लगे है। कुछ प्रतिष्ठानों में यंत्र लगे भी है तो अग्निसुरक्षा मापदंडों का पालन के अभाव में सिर्फ दिवाल की शोभा बढ़ाने का काम करती है।

नियमानुकूलसभी सार्वजनिक संस्थानों व बहुमंजिला निजी भवनों,दुकानों में भी अग्निशमन यंत्र का होना जरूरी है। लिए कड़े नियम कानून भी बनाये गये हैं। नियमों की अनदेखी कर सब कुछ चल रहा हैं।इस पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।प्रशासन की नाक तले नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

यह हाल केवल प्रतिष्ठानों व मकानों की नही है-

उपरोक्त हाल सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों व निजी विद्यालय का भी है केवल दिखावे के लिए अग्निशमन यंत्र लगाये गये हैं, पर कई वर्षों से उसका रिफिलिंग भी नहीं कराया गया है।राष्ट्रीय भवन कोड द्वारा फायर एंड लाइफ सेफ्टी के अनुपालन को लेकर अस्पताल व नर्सिंग होम के लिए भी गाइडलाइन जारी की गयी है।

सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार इन भवनों में अग्निशमन पदाधिकारी की नियुक्ति होनी चाहिए। इन भवनों में फायर कंट्रोल रूम का भी निर्माण किये जाने का नियम है, ताकि वहां से फायर सेफ्टी के लिए सुविधाजनक तरीके से आग पर काबू पाया जा सके। नियमानुसार अस्पताल, सरकारी भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा बहुमंजिली निजी भवनों में भी फायर सिस्टम लगाना जरूरी है।आग लगने की स्थिति में फायर अलार्म के माध्यम से लोगों को तेजी से जानकारी दी जा सके और उस पर अविलंब कार्रवाई की जा सके।

फायर सेफ्टी को लेकर प्रत्येक माह स्वमूल्यांकन कराने का भी नियम है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। यदि जांच कर दी जाये, तो सब कुछ सामने आ जायेगा।

लोगों को किया जाता है जागरूक –

सरकारी कार्यालयों एवं बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन यंत्र लगाने का प्रावधान है, इसके लिए समय-समय पर लोगों को जागरूक करने का काम भी करते हैं।वही आग से बचने के लिए उपाय भी बताते हैं, बावजूद लोग अग्निशमन यंत्र लगाने से परहेज करते हैं। कुल मिला कर कह सकते है कि संसाधन का अभाव है, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो पाती हैं।