Bihar Board का यह कारनामा जान आप भी हो जाएंगे हैरान !

1872

बिहार बोर्ड ने नाम के साथ शक्ल भी बदली, संजीव कुमार को बना दिया काजल सिंह

सहरसा  : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की भूल ने सर्वनारायण सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय के छात्र संजीव कुमार की जगह पर छात्रा काजल सिंह के नाम से प्रवेश पत्र जारी कर दिया है. महाविद्यालय से पूर्ववर्ती छात्र के रूप में सुभाष पासवान व उमादा देवी के पुत्र संजीव कुमार ने पंजीयन संख्या 61013-R-1063\2014 पर परीक्षा फॉर्म भरा. वर्ष 2018 के लिए संजीव को बोर्ड द्वारा जारी प्रायोगिक परीक्षा का प्रवेश पत्र भी मिला. प्रवेश पत्र के आधार उसने एमएलटी कॉलेज केंद्र पर क्रमांक 18010669 पर 11 जनवरी से 15 जनवरी के बीच आयोजित भौतिकी विषय व 16 से 21 जनवरी तक आयोजित रसायन शास्त्र विषय की प्रायोगिक परीक्षा भी दी. उसके बाद उसने आगामी माह में होने वाली परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. लेकिन जब उसने महाविद्यालय से वार्षिक परीक्षा का प्रवेश पत्र निकाला तो वह भौंचक रह गया. प्रवेश पत्र में पंजीयन संख्या व क्रमांक को छोड़ कर सब कुछ किसी काजल सिंह के नाम से था. इसके बाद उसने महाविद्यालय में अपनी समस्या बतायी है.बोर्ड ही बतायेगा, आखिर कौन है सही

दो प्रवेश पत्र एक ही क्रमांक व पंजीयन पर निकलने के बाद चर्चा का दौर शुरू है. दोनों में कौन सही है, इसका जवाब कौन देगा. महाविद्यालय में मामला सामने आने के बाद कर्मियों ने इंटरनेट के माध्यम से पंजीयन की वास्तविकता जानने का प्रयास किया. लेकिन पूर्ववर्ती छात्र होने के कारण वह नहीं हो पाया. इसके बाद संजीव को दो फरवरी को अपने पंजीयन व अन्य साक्ष्य के साथ आने व काजल सिंह की जानकारी लेने की बात कही गयी है. इसके बाद ही कुछ पता चल पायेगा. अन्यथा संजीव या काजल दोनों को परीक्षा में शामिल होने में परेशानी हो सकती है. प्रवेश पत्र बोर्ड द्वारा ही जारी करने के कारण कॉलेज प्रशासन कुछ अधिक करने में असमर्थ प्रतीत हो रहा है. बोर्ड ही प्रवेश पत्र को सुधार सकता है और असली छात्र को जारी कर सकता है.

कहीं शिक्षा माफिया तो नहीं है सक्रिय 

मामला सामने आने के बाद लोगों के बीच शिक्षा माफिया की भी चर्चा आम रही. लोगों ने तर्क देते हुए कहा कि प्रायोगिक परीक्षा के बाद माफिया ने अपने छात्र के लिए प्रवेश पत्र निर्गत करवा लिया तो वहीं कुछ लोग पूर्व में गलत प्रवेश पत्र जारी होने के बाद सुधार होने की बात कह रहे थे. लेकिन लोगों के बीच एक ही चर्चा थी कि गलत नाम, पिता व माता के नाम या फोटो, प्रवेश पत्र बनाने वालों की भूल से बदल सकता है. लेकिन पूरा प्रवेश पत्र ही बदल जाये, यह गड़बड़ लगता है. हालांकि यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि कौन सही है और कौन गलत. वहीं कुछ लोग आधार कार्ड नंबर बदल जाने के कारण गलती होने की बात कह रहे थे.आधार नंबर भी है बदला हुआ

अक्सर किसी छात्र या छात्रा की जगह उलटा नाम या फोटो आता था. लेकिन यहां माजरा ही कुछ और है. वार्षिक परीक्षा के प्रवेश पत्र में संजीव कुमार की जगह काजल सिंह, पिता का नाम कौशल कुमार सिंह व माता का नाम पुष्पा देवी अंकित है. परीक्षार्थी का आधार नंबर 755445351567 की जगह 649261403617 है. जारी प्रवेश पत्र में संजीव के फोटो पर प्रधानाचार्य का अभिप्रमाणित किया हुआ है, लेकिन काजल का फोटो स्वअभिप्रमाणित है. मनोहर हाई स्कूल केंद्र पर फरवरी में आयोजित परीक्षा में आठ फरवरी को भौतिकी, दस फरवरी को रसायन शास्त्र, तेरह फरवरी को भाषा, 14 फरवरी को नन राष्ट्र भाषा व अंग्रेजी विषय एवं 15 फरवरी को गणित विषय की परीक्षा होगी.

रिपोर्ट : श्रुति कांत (स्थानीय प्रभात खबर के पत्रकार)