पद्मावत फ़िल्म मामले पर गरजे आनंद मोहन !

Kunal Kishor
kunal@koshixpress.com
6181

न्यायालय में पत्रकारों के सवालों पर बोले पूर्व सांसद

सहरसा@कुणाल किशोर : पूर्व सांसद आनंद मोहन ने संजय लीला भंसाली की पद्मावत फ़िल्म पर गर्जना करते हुए कहा कि यह ना सिर्फ उज्ज्वल इतिहास और स्वभिमान से छेड़छाड़ है बल्कि नारी जाति का अपमान भी।इसे धर्म और जाति के चश्मे से नही सम्पूर्ण स्त्री शक्ति के सम्मान से जोड़ कर देखा जाना चाहिए ।कहा कि बड़ी राजनीतिक साजिश हुई है दो राज्यो के चुनाव से पूर्व जिन प्रदेश सरकारों ने फ़िल्म पर रोक लगा वाह-वाही बटोरी थी वो आज मौन क्यों है ।इसके बाद पहले सेंसर बोर्ड ने रिलीज किया और आनन-फानन में सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाया ।आखिर सेंसर बोर्ड ने इसे पास ही क्यों किया, कौन लोग बैठे है वहाँ ,कोर्ट में मजबूती से पक्ष क्यो नही रखा गया । क्या कर रहे थे सॉलिसिटर जेनरल । दो प्रान्तों के चुनाव बाद कोर्ट का फैसला आना माथे पर चिंता की लकीडे उभारती है ।पूर्व सांसद ने कहा कि अभव्यक्ति की आज़ादी के प्रबल पक्षधर है पर पूर्वाग्रह से ग्रसित पक्षपात या दुरुपयोग के नही ।कहा कि सींकचों में कैद वो केंद्र एवं राज्य सरकारों से अपील करते है कि सम्भावित टकराव और राष्ट्रीय क्षति के मद्देनजर तत्क्षण सम्पूर्ण देश मे फ़िल्म पर रोक लगाए ।यदि ऐसा नही हुआ तो गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या से मंडल कारा सहरसा के सभी बंदियों के साथ पहले सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे फिर जरूरत पड़ी तो अनिश्चित कालीन अनशन और आत्म बलिदान की हद तक जा सकते है।इस मौके पर उमेश दहलान,शंभु सिंह मुख्यमंत्री,राजन आनंद,अनिमेश, आकाश सिंह,अनिल सिंह,अनिता कुशवाहा,राजीव सिंह,बब्बू डॉन सहित फ़्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ता मौजूद रहे ।