गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए थ्‍योरी के साथ – साथ प्रैक्टिकल की भी जरूरत : डॉ सी पी ठाकुर

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अपने सपने साकार करने के लिए अथक परिश्रम की जरूरत : ई. बी एम दुबे

पटना : पढ़ाई समय के हिसाब से होनी चाहिए। आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए थ्‍योरी के साथ – साथ प्रैक्टिकल की जरूरत है, तभी छात्र ज्‍यादा अच्‍छा कर पायेंगे। ये दुखद है कि आज स्‍कूल-कॉलेजों में पढ़ाई का स्‍तर गिरा है, मगर फिजिटेक क्‍लासेस जैसे संस्‍थान की वजह से छात्रों को अच्‍छी पढ़ाई मिल रही है। ये बातें भारत सरकार के पूर्व मंत्री पद्मश्री डॉ सी पी ठाकुर ने फिजिटेक क्‍लासेस द्वारा आयोजित 2016 बैच के फेयरवेल पार्टी में बच्‍चों का उत्‍साहवर्द्धन करते हुए कही। इससे पहले उन्‍होंने कार्यक्रम की विविधवत शुरूआत दीप प्रज्‍जवलित कर किया, इस दौरान पद्मश्री डॉ गोपाल प्रसाद सिन्‍हा, विधायक संजीव चौरसिया, आईपीएस अधिकार सुनील कुमार, फिजिटेक क्‍लासेस के निदेशक ई. बी एम दुबे, अजय शर्मा, सीमाराम पांडेय भी उपस्थित रहे। उन्‍होंने कहा कि अगर छात्र प्‍लस टू की पढ़ाई ठीक ढंग से कर लें, तो आगे चल कर अपना अच्‍छा करियर बना सकते हैं। मैं सभी बच्‍चों के अच्‍छे भविष्‍य के लिए कामना करता हूं।   वहीं, ई. बी एम दुबे ने कहा कि बदलते समय के हिसाब से आज हर क्षेत्र में प्रतिस्‍पर्धा बढ़ी है, ऐसे में अपने सपकों को साकार करने के लिए अथक परिश्रम और लगन की जरूरत है। इससे आपकी काबिलियत में निखार आती है, जो अंतत: आपके पूरे जीवन में काम आती है। उन्‍होंने फेयरवेल ले रहे बच्‍चों को कई टिप्‍स भी दिये और कहा कि वे हमेशा अपने आत्मविश्वास और आत्मसम्मान के बदौलत आगे बढ़े। जिंदगी के डगर पर चुनौतियों तो होंगी, मगर उससे बिना डरे उसका सामना कर आगे बढ़े। साथ ही उन्‍होंने आगामी सत्र में हर साल उन 100 बच्‍चों को मुफ्त कोचिंग देने की घोषणा की, जो प्रतिभावान हैं मगर आर्थिक मजबूरियों की वजह से अच्‍छे जगहों पर पढ़ने में असर्मथ हैं।

वहीं, पद्मश्री डॉ गोपाल प्रसाद सिन्‍हा ने कहा कि फिजिक्‍स पढ़ने वाले बच्‍चे काफी मेधावी होते हैं। हमने फिजिक्‍स में अच्‍छा करने वाले ज्‍यादातर बच्‍चों को देखा है आईएएस बनते। उन्‍होंने छात्रों से कहा कि पढते रहना, सीखते रहना और सीखने की भूख को जिंदा रखना छात्रों में विद्याभाष का संचार करता है। उन्‍होंने कहा कि शिक्षक जिंदगी बदल सकते हैं। भारत में शिक्षकों की परंपरा काफी पुरानी रही है। विधायक संजीव चौरसिया और आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार ने भी छात्रों को प्रोत्‍साहित करते हुए कहा कि छात्र ही नये भारत की कहानी लिखेंगे। वे आज शिक्षा ले रहे हैं, कल उन्‍हें अपने लिए, अपने देश के लिए जिम्‍मेदारी लेनी होगी। अंत में फेयरवेल ले रहे 350 छात्रों को मेडल देकर सम्‍मानित भी किया गया।