रक्षाबंधन में राखी बांधने का ये है शुभ मूहर्त !

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आज बहनों द्वारा भाइयों के कलाई पर बंधेगी देशी रक्षासूत की राखी

कैमूर/ रामपुर (बंटी जायसवाल) :श्रावण मास की पूर्णिमा को हर वर्ष रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है. आज रक्षाबंधन पर भाइयों के कलाई पर बहनों का देशी रक्षा सूत का राखी सजेगा. रक्षाबंधन सिर्फ भाई की हाथों में बहनों द्वारा रेशम के धागा बांधने का नाम नहीं है. बल्कि यह पौराणिक काल से चली आ रही भाई-बहन के प्यार व विश्वास का अटूट महापर्व है.

लगभग तीन घँटे है रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं तथा भाइयों से जीवन भर हर मुसीबत से अपनी रक्षा का शपथ लेती हैं. इस बार रक्षाबंधन का त्योहार काफी ख़ास है. क्योंकि इस बार रक्षाबंधन के दिन सावन की अंतिम सोमवारी हो रही है. ऐसा शुभ समय कई वर्षों बाद आया है. शहर के युवा वर्ग के भाई अपने बहनों के लिए रक्षाबंधन के मौके पर ख़ास तरह गिफ्ट देने की कर रहे है. वही कई युवा ऑन लाइन शापिंग के माध्यम से राखी बांधने का अपने बहनों को गिफ्ट देने के लिए स्मार्टफोन, टैबलेट आदि कई प्रकार के गिफ्ट आर्डर किये हुए है. बहनों द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए काफी उत्साहित देखा जा रहा है. बाजारों में भी रविवार को रक्षाबंधन के पूर्व काफी चहल पहल देखा गया.

शहर के ब्यूटी कुमारी, मोनिका कुमारी ने बताया कि रक्षाबंधन के इस मौके पर चाइनीज राखियों का इस्तेमाल नहीं करेंगे. क्योंकि चाइना पाकिस्तान को आर्थिक मदद देकर भारत में आतंकवाद फैलाता है. इस बार बहने सिर्फ देशी रक्षा सूत से बने राखियों को भाइयों के कलाई पर बांधेगी. साल में एक बार रक्षाबंधन के मौके पर भाइयों को राखी बांधने पर मन पसंद गिफ्ट मांगने का मौका मिलता है. इस बार भी भाइयों से पहले ही राखी के लिए यादगार गिफ्ट के लिए कह चुके है.

बाजारों में खूब रही मिठाइयों की मांग

आज रक्षाबंधन का त्योहार है और भाइयों के कलाई पर बहनों द्वारा राखी बांध कर हर मुसीबत में तैयार रहने की शपथ लेती है. वही भाइयों द्वारा बहनों के हर समस्या व मुश्किल घड़ी में साथ रहने की वादा किया जाता है. भाइयों द्वारा बहनों के लिए राखी पर गिफ्ट दिया जाता है. इस बार बहनों द्वारा राखी बांधने के लिए  लगभग तीन घँटे का शुभ मुहूर्त है. पंडित के अनुसार इस बार चन्द्रग्रहण भी लग रहा है. चन्द्रग्रहण रविवार रात्रि  में 10:58 से 12:48 तक है. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 10:53 – 01:53 तक है.

जगत् शिष्य वेद मन्दिर वाराणसी के शिवपूजन शास्त्री ने बताया कि भद्रा 10:30 AM तक है भद्रा के बाद यानी 10:30 के बाद रछा बंधन का कार्य प्रारम्भ होगा  जो दिन भर चलेगा चंद्र ग्रहण से होने वाले सूतक का दोष रछाबँधन पर नहि लगेगा यह निर्णय सिंधु का मत. चंद्र ग्रहण रात्रि 10:53 PM से रात्रि 12:48AM तक है.

निर्णय सिंधु में लिखा हुआ है कि ”  रक्षाबंधन नियत काल मे होने से भद्रा को छोड़ कर ग्रहण के दिन भी होली के समान ही करना चाहिए । ग्रहण का सूतक अनियतकाल के कर्मों में लगता है |

रविवार को रक्षाबंधन को लेकर शहर के बाजारों में काफी चहल पहल देखा गया. बाजारों में सजे दुकान पर युवतियां राखी खरीदते नजर आयी. वही मिठाई दुकान पर अच्छे किस्म की मिठाई की खूब मांग देखा गया. रक्षाबंधन त्योहार को लेकर दुकानदारों की भी चांदी रही. बाजारों में मिलावटी मिठाइयां भी खूब बिक्री हुई. छेना का मिठाई 200से 300  रुपये, लड्डू 100 से 200 रुपये, बर्फी 200 से 300 तीन रुपये तक रही. सबसे ज्यादा छेना की मिठाइयों की मांग देखी गयी.

सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन की बधाई की क्रेज

रक्षाबंधन पर्व को लेकर सोशल मीडिया के व्हाट्स एप, फेसबुक, ट्विटर साइट्स पर बधाई देने का संदेश एक सप्ताह पहले चल रही है. सोशल मीडिया पर भाई बहन का राखी बांधते फोटो, राखी का फोटो सहित कई तरह के मैसेज शेयर किये जा रहे है. वही सोशल साइट्स पर चाइनीज राखी नहीं उपयोग की अपील किया जा रहा है.