कार्तिक मास में भगवान विष्णु का हुआ था अवतार !

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मुकेश कुमार मिश्र :कार्तिक मास प्रतिपदा से पूर्णिमा तक भगवान विष्णु का अवतार महीना माना जाता हैं। जो 17 अक्तूबर से प्रारम्भ हुआ। और 16 नवम्बर को पूर्णिमा के साथ मास का अंत होगा। संसारपुर गांव निवासी पंडित अजय कांत ठाकुर बताते हैं कि धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक कार्तिक मास साक्षात भगवान विष्णु का अवतार माना जाता हैं। क्योंकि इस मास में करवा चौथ,हनुमान जयंती, दीपावली,छठ, चित्रगुप्त पूजा,काली पूजा,गोवर्धन पूजा, भैया दूज, कार्तिक पूजा, आंवला नवमी आदि विशिष्ट त्यौहार आते हैं। पूरे मास भगवान विष्णु स्वरूप की पूजा अर्चना होती हैं।

आकाश में तारों के रहते हुए स्नान करना पुण्यदायी

इस माह में आकाश में तारों के बीच के रहते हुए स्नान करना, पीपल, बड, आबंला के पेड़ जैसे पवित्र वृक्षों में जल जढाना अतिआवश्यक हैं। सौभाग्यवती महिलाएं एवं कन्याओं के लिए यह मास महत्वपूर्ण हैं।सुख, सौभाग्य, समृद्धि, संतान के लिए कार्तिक मास में स्नान एवं पूजा व्रत करना चाहिए।

दीप जलाने का विशेष महत्व

कार्तिक मास में दीप जलाने का महत्व है। इस माह में प्रत्येक दिन मंदिर, गोशाला, तुलसी, रसोईघर एवं आंगन में दीप जलाने से एेश्वर्य व समृद्धि की प्राप्ति होती है। कार्तिक मास का स्नान एवं पूजा अर्चना घर घर में महिलाएं करती हैं।पूरे मास में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना दामोदर के रूप में होती हैं। कार्तिक मास में लक्ष्मी जी के लिए के लिए दीप  जलाया जाता हैं। ओर संकेत दिया जाता है कि अब जीवन में अंधकार दूर कर प्रकाश देने की कृपा करें।

तुलसी का महत्व

कार्तिक मास में तुलसी  की पूजा की जाती हैं।ओर तुलसी के पत्ते खाए जाते हैं।इससे शरीर निरोग बनता है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर सूर्य देवता एवं तुलसी पौधे को जल चढ़ाना अनिवार्य  हैं।