सुहाग की लंबी उम्र और सलामती के लिए रखा जाता है करवा चौथ का व्रत !

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निरंजन : रोहिणी नक्षत्र में करवा चौथ का आगमन हो रहा है कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन पति की दीर्घायु के लिए महिलाआें द्वारा किए जाए जाने वाली  उपवास को लेकर महिलाएं अभी से ही तैयारियों में जुट गई है बजारों में विशेष श्रृंगार,साड़ियां,चूड़ी एवं पूजन सामग्री की महिलाओं द्वारा खरीदारी की जा रही है जिसको लेकर बाजारों में है चल पहल भी बढ़ गई है |koshixpress

क्या है मान्यता

करवा चौथ के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जल व्रत रखने के बाद शाम को चंद्रमा को जल का अर्जन के साथ करवा चौथ का पर्व मना जल ग्रहण करती है |मान्यता है कि करवा चौथ के दिन शिव पार्वती और स्वामी कार्तिकेय की पूजा की जाती है,दरअसल शैलपुत्री पार्वती ने भी शिवजी को इसी प्रकार के कठिन व्रत से पाया था | इस दिन गौरी पूजन से जहां महिलाएं अखंड सुहाग की कामना करती है वही अविवाहिता कन्या भी बेहतर जीवन साथी मिलने की प्रार्थना करती हैं  |भगवान कृष्ण के कहने पर द्रोपदी ने करवा चौथ का व्रत रखा था मान्यता है कि इसी प्रकार करवा चौथ के कारण से पांडवों को महाभारत युद्ध में विजय मिली थी |कहते हैं जब अर्जुन ने नीलगिरी की पहाड़ियों में घोर तपस्या के लिए गए थे तो बाकी चारों पांडवों का पीछे से उनके गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा| द्रोपदी ने श्री कृष्ण से मिल कर अपना दुख जताया और अपने पतियों के मान सम्मान की रक्षा के लिए कोई उपाय पूछा तब भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी से न सिर्फ करवा चौथ व्रत रखने को कहा था |द्रोपदी द्वारा ही है व्रत रखने से अर्जुन भी सकुशल लौट आए बाकी पांडवों के सम्मान की रक्षा हो सकी थी |