आखिर कब होगा ललित बाबु का सपना पूरा,कई रेल मंत्री की घोषणा के बावजूद कोशी क्षेत्र पूर्ण रूप से उपेक्षित !

2249

संजय कुमार सुमन : कोशी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की घोर उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल को रेल सेवा से अब जक नहीं जोड़े जाने से आमलोगों में काफी नराजगी देखी जा रही है। उदाकिशुनगंज को रेल सेवा से जोड़ने के लिए एक बार फिर आमलोग जन आन्दोलन चलाने के मूड में हैं। बिहारीगंज-बनमनखी रेल लाईन को छोड़ दे तो यहां रेल यातायात तो दूर सड़क यातायात भी लोगों को मुकम्मल नहीं है।

सुविधा विहीन क्षेत्र के किसान अपनी मेहनत की कमाई को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर है। इस क्षेत्र के लोग 80 के दशक से ही रेल लाईन बिछाने की मांग करते आ रहे हैं। आलम यह है कि उदाकिशुनगंज,चौसा,आलमनगर,पुरैनी,ग्वालपाड़ा समेत पूर्णियाँ,भागलपुर और खगड़िया जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रही एक बड़ी आबादी मात्र बिहारीगंज रेलवे पर ही निर्भर है। कई रेल मंत्री की घोषणा के बावजूद यह क्षेत्र पूर्ण रूप से उपेक्षित है। रेलमंत्री की घोषणा एक मात्र छलावा साबित हुआ है।koshixpress

मालूम हो कि रेल मंत्रालय की बेरूखी के कारण आजादी के बाद उदाकिशुनगंज अनुमंडल के बिहारीगंज से आगे रेल का विस्तार नहीं हो पाने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक कोई भी जनप्रतिनिधियों ने इस ओर कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र ने कई रेल पथ विस्तार की स्वीकृति दी थी। बिहारीगंज रेलवे स्टेशन की स्थापना 1943 में ब्रिटिश शासनकाल में की गयी थी। उक्त रेल पथ बिहारीगंज से बनमनखी तक बना लेकिन आजादी के बाद जब पहली नजर बिहारी नेता के रूप में ललित नारायण मिश्र रेल मंत्री बने तो बिहारीगंज से आगे तक कई रेल पथ परियोजनाओं की स्वीकृति दिये थे। यहाँ तक कि रेल लाईन का सर्वेक्षण भी करा चुके थे लेकिन ऐन वक्त पर उनका निधन होना मानों उदाकिशुनगंज के लोगों पर वज्रपात हो गया। उनके निधन के बाद सभी परियोजनाएं रेल मंत्रालय में दबी की दबी रह गयी जबकि कई बिहारी सांसद रेल मंत्री रहे।

किन-किन परियोजनाओं की मिली थी स्वीकृति

बिहारीगंज से नवगछिया वाया उदाकिशुनगंज,पुरैनी,चौसा,बिहारीगंज से कोपरिया वाया उदाकिशुनगंज,आलमनगर,बिहारीगंज से कुर्सेला,बिहारीगंज से सहरसा वाया ग्वालपाड़ा,बिहारीगंज से छातापुर वाया मुरलीगंज,बिहारीगंज से सिमरी बख्तियारपुर तक रेल लाईन विस्तार परियोजना की स्वीकृति ललित नारायण मिश्र ने दी थी। एक भी परियोजना पर किसी भी रेल मंत्री अमल नहीं कर पाये। यहां तक कि मधेपुरा सासंद के रूप में लालू प्रसाद रेल मंत्री बने थे। फिर भी एक भी परियोजना को मूर्त्त रूप नहीं दे पायें।

लालू प्रसाद ने राज्य सभा में एक प्रश्न के दौरान बिहपुर से बिहारीगंज वाया पचरासी स्थल,लौआलगान,चौसा,पुरैनी रेल पथ की घोषणा किये वह भी मूर्त्त रूप नहीं ले पाया। तत्कालीन राज्य सभा सदस्य डॉ.जगन्नाथ मिश्र ने चार मई 1995 को सदन में इन सारी रेल लाईन विस्तार परियोजनाओं के क्रियान्वयन कराये जाने के लिए सदन में आवाज उठा कर बहस का मुद्दा बनाया था। लेकिन यह आवाज भी रेल मंत्री के आश्वासन के सहारे दब कर रह गयी। जब रेल मंत्री नीतिश कुमार थे तब पूर्णिया के तत्कालीन सांसद जयकृष्ण मंडल की मांग पर दालकोला से कोपरिया वाया पूर्णियां,भवानीपुर,बिहारीगंज,उदाकिशुनगंज,आलमनगर रेल लाईन विस्तार परियोजना की स्वीकृति दी थी। 12 जनवरी 2004 को तत्कालीन रेल मंत्री नीतिश कुमार ने मधेपुरा एवं बाद में दिल्ली में उक्त परियोजनाओं पर अपनी सहमति व्यक्त की थी। इस परियोजना का सर्वे भी कराया गया था लेकिन सर्वे के बाद नीतिश कुमार के रेल मंत्री पद से हटते ही इस परियोजना को ग्रहण लग गया। 15 नवम्बर 1997 को तत्कालीन रेल मंत्री रामविलास पासवान ने मधेपुरा में घोषणा की थीं कि इन सारी रेल परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू करवा दिया जायेगा। वैसे इसके पूर्व श्री पासवान ने चार नवम्बर 1996 को कुर्सेला वाया बिहारीगंज,चौसा होते हुए सहरसा तक रेल परियोजना का शिलान्यास किये थे। वह भी शिलान्यास तक ही में ही सिमट कर रह गया। इस कार्य के सर्वेक्षण में तीन लाख रूप्ये खर्च किये गये और परियोजना पर 150 करोड़ रूपये खर्च का अनुमान था।रेल मंत्री लालू प्रसाद ने रूपौली में बिहारीगंज से कुर्सेला रेल मार्ग का शिलान्यास किया लेकिन आज तक नसीब नही हो पाया।koshixpress

प्रखर समाजसेवी सह जदयू नेता प्रो.नवलकिशोर जायसवाल,भाजपा नेता डा.सुरेश प्रसाद साह ने रेलमंत्री को व्यक्तिगत पत्र भेज कर उक्त परियोजनाओं को मूर्त्त रूप देने की मांग करते हुए कहा कि कुर्सेला से बिहारीगंज रेल मार्ग को रूपौली,चौसा,पुरैनी के रास्ते यदि बिहारीगंज में मिलाया जाता है तो एक बड़ी आबादी रेल सेवा से जुड़ जायेगा।

उधर बीस सूत्री के प्रखंड अध्यक्ष मनोज प्रसाद,घोषई मुखिया सुनील कुमार यादव,अरजपुर पश्चिमी मुखिया प्रतिनिधि सुबोध कुमार सुमन,अरजपुर पूर्वी मुखिया रिंकू कुमारी,पूर्व जिला परिषद प्रतिनिधि मनोज राणा,भाजपा नेता मनोज शर्मा,काग्रेंस नेता पुरूषोत्तम राम,सामाजिक शैक्षणिक कल्याण संघ के अध्यक्ष याहिया सिद्दीकि,आरीफ आलम,जवाहर चौधरी,लोजपा नेता मनौवा हुसैन,युवा समाजोवी मनौवर आलम ने रेल मंत्री से जनहित को देखते हुए उक्त परियोजना की स्वीकृति दिये जाने की मांग करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही स्वकृति नहीं मिली तो हमलोग चरणबद्ध आन्दोलन चलायेंगे।