बगेवा कटाव पीड़ीत : दुख की इस घड़ी में कहां गये जनप्रतिनिधी ?

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कटाव से वीरान पड़ा बगेवा गांव

कोसी के जलस्तर मे लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव की वजह से एक बार फिर जबरदस्त कटाव के कारण पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर बसे सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के सलखुआ प्रखंड अंतर्गत बगेवा-पिपरा आदि गाँवों के लोगो का गाँव छोड़कर पलायन करने का सिलसिला अनवरत चल रहा है। मिनट-दर-मिनट हो रहे कटाव के कारण ग्रामीण अपने घरो के बचे हुए समानो को समेट अपने वर्षो पुराने डीह को छोड़ तटबंध पर या अपने रिश्तेदारों के यहाँ जा रहे है। ग्रमीणों का कहना है की अभी इस दुख की घड़ी में कहा गये चुनाव के समय वोट मांगने वाले प्रतिनिधी।koshixpress

स्थानिय सांसद के एक बार भी झांकने नही आने से नाराज है कटाव पीड़ीत

स्थानिय विधायक दिनेश चन्द्र यादव तो देखने भी आये पर हमारे सांसद चौधरी महबूब अली केसर यहां झांकने तक की जहमत नही किये है। इन लोगो का कहना है की जब चुनाव होता है तो नेता चम्मचा,बैलच्चा के साथ गली-गली घर-घर वोट मांगने आते अभी आये तब ना वह सच्चा प्रतिनिधी कहलायेंगे। इन लोगों का कहना है की एक बार सांसद पप्पु यादव यहां आ जाये तो हमलोगों की समस्या दुर हो सकती है। कमराडीह निवासी रामचन्द्र यादव,रज्जो यादव सहित अन्य ग्रामीण भी नाव पर अपने घरो के बचे सामानों को लाद तटबंध पर बस गये है।ग्रामीणों के मुताबिक प्रशासन का रवैया सुस्त होने की वजह से हम खुद ही अपने जिन्दगी को बचाने के लिए लड़ रहे हैं।इसी प्रकार बगेवा मे भी दिन रात एक कर कई ग्रामीण अपने घर को बचाने मे लगे है।koshixpress

सैकड़ों घर कटाव की भेंट चढ़े 

इन दिनों कोसी नदीं के घटते बढ़ते जलस्तर से कटाव तेज हो गया है. कोसी के कटाव से पिछले एक सप्ताह में करीब आधा दर्जन से अधिक घर कटाव की भेंट चढ़ चुके है.कटाव पीड़ित कटाव का रूख देख सुरक्षित स्थान की तलाश में जाने लगे है. ग्रामीण व कटाव पीड़ित ने बताया कि बगेवा गांव निवासी कपिलदेव यादव, योगेन्द्र यादव, भज्जू यादव, अशोक यादव का घर पिछले चार से पांच दिनों मे कोसी नदीं के घटते बढ़ते जलस्तर से हो रहे कटाव में नदीं में समा गया है, जिससे सभी रोड पर रात गुजारने को मजबूर है।

पानी मे बहाया जा रहा है पैसा : ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2014 में पिपरा, मियां जागीर, कमराडीह में कटाव रोकने को लेकर 62 लाख रुपये की लागत से कटाव निरोधी कार्य कराया गया था। ग्रामीणों की मानें तो कार्य नहीं के बराबर हुआ जिस कारण कटाव शुरू हो गया है। इस वर्ष 2015 – 16 में विभाग द्वारा बगेवा गांव के समीप कटाव निरोधी कार्या किया गया.विभाग द्वारा बगेवा गांव के समीप नदीं किनारे लाखो की लागत से आनन फानन में बांस पाईलिंग व सैंड बैग डाला गया था, लेकिन कोसी के कहर से बांस व सैंडबैग पाईलिंग डूब गया.वही इस साल भी अगस्त महीने मे बांस-सैंड बैग आदि की सहायता से कटाव रोकने का प्रयास हुआ परन्तु कुछ ही दिन मे सब पानी मे समा गए.अब अपने ही हाथो अपने आशियाने को तोड़ रहे बिशो पोद्दार बताते है कि क्या करे साहेब, मजबूरी है तोड़ना |