प्रतिमा विसर्जन में दिखी गंगा–जमुनी संस्कृति की झलक,मधेपुरा में हिन्दू -मुस्लिम एकता का मिशाल पेश !

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प्रतिमा विसर्जन में शामिल लोग

मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) :  “मुकम्मल है इबादत वतन में ईमान रखता हूँ, वतन की शान की खातिर हथेली पर जान रखता हूँ।क्यों पढते हो मेरी आँखों में नक्शा शैतान का ,इंसान हूँ सच्चा दिल में हिन्दुस्तान रखता हूँ।”उक्त पंक्तियाँ चौसा की धरती पर अक्षरशः चरितार्थ हुई है।लोग किसी सर जमीन पर जन्म लेकर धन्य होते हैं , लेकिन आज चौसा की सरजमीन अपने नागरिकों की बदौलत धन्य हो गई। यहाँ के नागरिकों ने हिन्दू – मुस्लिम एकता का ऐसा मिशाल पेश किया है, जिससे इतिहास के पन्नों में सम्प्रदायिक सौहार्द स्वर्णिम अध्याय जुड गया है।

एक ही मैदान में लगा दशहरा और मुहर्रम मेला

घोड़े पर सवार माँ के भक्त
घोड़े पर सवार माँ के भक्त

सनद रहे कि दो दिन पहले चौसा में दशहरा और मुहर्रम मेला एक ही मैदान में एक साथ लगाया गया । इस अवसर पर मुसलमानों से अधिक हिन्दुओं ने ‘या हुसैन’ के नारे लगाए । इस अवसर को ‘मानव मेला’ का नाम दिया गया । आज माता दुर्गा जी के प्रतिमा विसर्जन में मुसलमानों ने भी बढ- चढ कर हिस्सा लिया। दृश्य तब विहंगम बन गया जब मुस्लिम युवकों ने अपने सरों पर जय माता दी की पट्टी और माथे पर तिलक लगाकर ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाए और माता की प्रतिमा को कंधा दिया। वाकई चौसा का यह दृश्य दर्शनीय था।चौसा की महान जनता ने आज शांति का ऐसा मंत्र पढा है, जिसके प्रताप से समाज चिरकाल तक प्रभावित रहेगा। महिलाओ ने बिदाई गीत गाकरअश्रुपूरित आँखों से बिदाई दी।

माँ की प्रतिमा पर पूजा के लिये उमरी भीड़
माँ की प्रतिमा पर पूजा के लिये उमरी भीड़

विसर्जन जुलूस में मुहर्रम मेला समिति के अध्यक्ष मनौवर आलम,मो. शाहिद, साईं इस्लाम ,अब्बास अली सिद्दीकी,मो.फरहाद,आरिफ आलम,कादिर आलम सहित दर्जनों मुस्लिम शामिल थे। इसके अलावे मुखिया प्रतिनिध सचिन कुमार बंटी,कुंदन कुमार बंटी,पूर्व मुखिया सूर्यकुमार पट्वे,श्रवण कुमार पासवान,प्रो.उत्तम कुमार,अनिल मुनका,पुरुषोत्तम राम,हरि अग्रवाल,भूपेंद्र पासवान,मो.नजीर,आफताब आलम,मनोज शर्मा,संजय कुमार यादव,चमकलाल मेहता,राजकिशोर पासवान,मनोज पासवान,बिन्देश्वरी पासवान,राजेश पासवान,राजकुमार अग्रवाल,चक्रधर मेहता,उपप्रमुख शशिकुमार दास,अनिल पोद्दार,झाबर मेहता,पंकज यादव,भकोल पासवान आदि शामिल थे।प्रतिमा का परिभ्रमण चौसा प्रखंड मुख्यालय की सड़को से हुआ।दर्शन के लिये माँ की भक्तो की कतार देखी गई।

उमरी भीड़ एवं तैनात पुलिस
उमरी भीड़ एवं तैनात पुलिस

श्रद्धालु फूल और धूप को लेकर पूजा अर्चना के कतारबद्ध दिखे।दर्जनों युवा घोड़े पर सवार होकर प्रतिमा की अगुवाई कर रहे थे।जगह जगह सड़क को आकर्षक तरीके से सजाया गया था।प्रशासनिक व्यवस्था काफी चुस्त दुरुस्त थी।थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह स्वयं प्रतिमा के साथ चल रहे थे।दर्जनों की संख्या में पुलिस बल के साथ सहायक अवर निरीक्षक सच्चिदानंद सिंह,मृत्यंजय कुमार भी साथ थे। प्रतिमा विषर्जन में भी गंगा यमुना की तहजीब की झलक देखने को मिली जो पुरे जिले के लिए एक मिशाल रहा।