मध्यमवर्गीय परिवार का बेटा बना भारतीय थल सेना का लेफ्टिनेंट !

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अगर मन में सच्ची लगन हो और दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो कोई भी कार्य असम्भव नहीं होता |यही कारनामा कर दिखाया है महिषी के आशीष चौधरी ने |जिन्होंने अपनी लग्न और मेहनत के दम पर भारतीय थल सेना में अपना जगह पक्का किया है | यह सच है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नही होती |koshixpress

विद्वानों की भूमि महिषी 

बिहार के सहरसा जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर पश्विम स्थित महिषी ग्राम जो अति प्राचीन तारा स्थान लोगों की श्रद्धा का सबसे बड़ा केंद्र है। यहाँ माँ तारा के साथ एकजटा और नील सरस्वती प्रतिमाएँ पूजित हैं।ठीक इसी ग्राम के एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार के रंजीत रमण चौधरी के कनिष्ठ पुत्र आशीष चौधरी का चयन भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है |प्राप्त जानकारी अनुसार आशीष फ़िलहाल देहरादून स्थित आई०एम०ए (IMA) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है |बताते चले कि आशीष का इससे पूर्व भारतीय तट रक्षक में कमान्डेंट के पद पर चयन हुआ था |भारतीय नौ सेना अकादमी (केरल) में प्रशिक्षण प्राप्त करते समय ही थल सेना में कमीशन रैंक में चयन होने पर नौ सेना (तट रक्षक) से त्यागपत्र देकर थल सेना को अपने कैरियर के रूप में पसंद किया |

बचपन से पढाई में अव्वल 

मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाला आशीष बचपन से ही पढाई-लिखाई में काफी तेज था |उसके लगन को देखते हुए पिता रंजीत रमण चौधरी ने बेहतर शिक्षा-दीक्षा देने का मन बना लिया |पढ़ाई-लिखाई डी०पी०एस से करने के उपरांत स्नातक एवं पारा स्नातक (भौतिकी) की पढाई दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की |

बधाई का सिलसिला जारी 

बेटे की इस सफलता पर पिता रंजीत रमण चौधरी कहते है कि आशीष बचपन से ही मेघावी,अनुशासित था |आशीष की इस सफलता पर चाचा रेवती रमण चौधरी,अवकाश प्राप्त आई०जी अमरकांत चौधरी,शिवेंद्र चौधरी,पशुपतिनाथ चौधरी,वरीय समाहर्ता पदाधिकारी तारानंद वियोगी,पूर्व मुखिया गणेश बढ़ई,मानिक चौधरी,सदानंद चौधरी,भाई सुजीत,सुमित,विजय महापात्र,प्रदीप चौधरी,सरपंच दुर्गा देवी समेत ग्रामीणों में ख़ुशी का माहौल बना हुआ है और बधाई का सिलसिला जारी है |