ये नवाबों की नगरी है मेरी जान,जरा संभल-संभल के चलना !

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बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल में सडकों का बुरा हाल है |यू तो अभी बरसात का मौसम है सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत सहित पुरे प्रखंड की सड़कों का बुरा हाल है।कोई ऐसा सड़क नही है जिसकी हालत पैदल की कौन पुछे गाड़ी से भी चलने लायक हो।koshixpress

बहुचर्चित(बख्तियारपुर बस्ती) शर्मा चौक से चौधरी टोला सड़क की आंखों देखा हाल

चाहे वो मुख्य बाजार की सड़क हो या फिर शर्मा चौक से सेनीटोला,कानू टोला चौक से गर्स स्कुल,स्टेशन चौक से हाई स्कुल पोखर सड़क या फिर बहुचर्चित एनएच 107 के चौधरी टोला से ड्योडी(खगड़िया सांसद निवास) होते हुये शर्मा चौक तक जाने वाली पक्की सड़क। यहां बहुचर्चित उक्त सड़क की बदहाली अगर कोई देखे तो सिर्फ एक ही बात मुंह निकलती है ” ये नबाव की नगरी है मेरी जान चलना यहां संभल-संभल के” अगर नही संभल के चले फिर इस सड़क पर गाड़ी सहित किचड़मय होना निश्तित है। ऐसा नही है की इस सड़क की बदहाली का आलम कोई नया है कोई ऐसा चुनाव नही जब इस सड़क की चर्चा नेतीओं के भाषण में ना हो।koshixpress

ये सड़क वर्तमान खगड़िया सांसद सह आखिल भारतीय हज कमेटी के अध्यक्ष चौधरी महबूब अली केसर के पुस्तैनी ड्योडी से होकर गुजरती है लेकिन इसकी बदहाली देख ऐसा लगता है की सांसद की नजरे देश के विकास पर टिकी है ये छोटे मोटे काम उनको शोभा नही देती है। मुहर्रम का त्यौहार है ड्योडी के आगे इसी सड़क के आसपाल मेला का आयोजन होता है लोगो की चिंता इस बात की हो रही है की ऐसे किचड़नुमा स्थान पर मेले का आयोजन कैसे होगा साथ ही प्रसिद्ध बख्तियारपुर बस्ती ईमाम बड़ा में तजिया मिलन का कार्यक्रम कैसे की जायेगी।हलांकि गड्डेनुमा सड़क में ईट का टुकरा व राबिश डाल कर किसी तरह चलने लायक बनाने का प्रयास किया गया है लेकिन ये ढा़क के तीन पात बाली बात नजर आ रही है।koshixpress

गत लोकसभा चुनाव में जव केसर साहब पुस्तैनी कांग्रेस पार्टी से पाला बदल भाजपा समर्थित एनडीए के लोजपा पार्टी के टिकट पर जीत हासिल किये तो लोगो को पुराने साहब में बदलाव नजर आया लोगो का कहना था की अब साहब विकास की गंगा बहा देंगे क्योकि पार्टी बदलाव के साथ इनकी चौथी पीढ़ी युवा सोच पुत्र चौधरी युसुफ सलाउद्दीन का राजनैतिक में पर्दापन हो गया है। पुत्र की नई सोच व साहब का अनुभव अब क्षेत्र का कायाकल्प करने के काम आयेगा।लेकिन करीब ढ़ाई वर्षो के सांसद का कार्यकाल बीत जाने के बाद पुरानी चाल व ढाल में कोई बदलाव नही दिया नतीजा यहां की जनता एक बार फिर अपने आप को ठगा महसुस कर रही है।